Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन चीन से आने वाले सस्ते औद्योगिक और उपभोक्ता सामानों पर नया टैरिफ लगाने की तैयारी कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी एपी (AP) की रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले से परिचित तीन लोगों ने बताया है कि अमेरिकी प्रशासन चीन से आयातित सामान पर 7.5% नया टैरिफ लगाने पर गंभीरता से विचार कर रहा है।
अमेरिका-चीन ट्रेड ट्रूस और शी जिनपिंग से बैठक पर असर न पड़े, ट्रंप प्रशासन का 7.5% नए टैरिफ का प्रस्ताव
हालांकि, अमेरिकी नीति निर्माताओं और रणनीतिकारों ने इस प्रस्तावित दर को इस तरह से तैयार किया है, जिससे वाशिंगटन और बीजिंग के बीच बने नाजुक व्यापारिक संबंधों पर कोई नकारात्मक असर न पड़े।
शी जिनपिंग से प्रस्तावित बैठक और ट्रेड ट्रूस पर नजर
अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि 7.5% की यह नई टैरिफ दर दोनों देशों के बीच बने एक साल के ट्रेड ट्रूस (Trade Truce / व्यापारिक युद्धविराम) को प्रभावित नहीं करेगी।
उच्चस्तरीय बैठक पर ध्यान: अमेरिकी प्रशासन इस बात का विशेष ध्यान रख रहा है कि सितंबर के अंत में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) के बीच होने वाली प्रस्तावित बैठक पर इस फैसले का कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
संतुलित कूटनीति: इस कदम का मुख्य उद्देश्य चीन पर आर्थिक दबाव बनाए रखना है, लेकिन साथ ही द्विपक्षीय बातचीत और कूटनीतिक संवाद के रास्ते भी खुले रखे गए हैं।
वैश्विक बाजार में 'ओवर-सप्लाई' का आरोप
यह नया प्रस्ताव ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिकी प्रशासन चीन पर कम कीमत वाले औद्योगिक सामान के जरिए वैश्विक बाजार में अत्यधिक आपूर्ति करने का लगातार आरोप लगा रहा है।
अमरीका का मानना है कि चीन अपने विनिर्माण उद्योग को सब्सिडी देकर वैश्विक बाजार में सस्ते प्रॉडक्ट्स डंप कर रहा है, जिससे अमेरिकी कंपनियों के लिए प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल हो रहा है। 7.5% का नया टैरिफ इसी व्यापारिक असंतुलन को नियंत्रित करने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।
