ईरान युद्ध के चक्कर में प्रशांत महासागर से अमेरिका ने वापस बुलाया आखिरी युद्धपोत; चीन के बढ़ते कदमों से सहयोगी देश चिंतित

ईरान से जारी युद्ध के बीच अमेरिका ने प्रशांत महासागर से अपना आखिरी विमानवाहक पोत USS जॉर्ज वाशिंगटन हटाकर मिडिल ईस्ट भेज दिया है। चीन के बढ़ते दबदबे और अमेरिकी नौसेना पर पड़ रहे असर को समझते हैं।

ईरान के खिलाफ जारी व्यापक सैन्य अभियानों ने अमेरिकी नौसेना के विमानवाहक पोतों यानी एयरक्राफ्ट कैरियर की क्षमताओं को चरम सीमा तक खींच दिया है। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने पश्चिमी प्रशांत (Western Pacific) क्षेत्र में तैनात अपने आखिरी प्रमुख युद्धपोत USS जॉर्ज वाशिंगटन को वहां से हटाकर मिडिल ईस्ट भेजने का फैसला किया है। यह युद्धपोत मध्य पूर्व में रिकॉर्ड समय से तैनात USS अब्राहम लिंकन को रिप्लेस करेगा, जहां लंबे समय से समुद्र में डटे नाविकों के गिरते मानसिक स्वास्थ्य और राशन-लॉजिस्टिक्स की भारी किल्लत की रिपोर्ट सामने आई हैं।

USS Abraham Lincoln

USS अब्राहम लिंकन (फाइल फोटो)

नाविकों पर मानसिक तनाव और रखरखाव का संकट

यूएसएस अब्राहम लिंकन ने बिना किसी पोर्ट कॉल के लगातार 240 से अधिक दिन समुद्र में बिताए हैं। इससे पहले यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड को 11 महीने की तैनाती और लॉन्ड्री स्पेस में आग लगने के बाद मरम्मत के लिए वापस बुलाना पड़ा था। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि नौसैनिकों और जहाजों की भी एक सीमा होती है। हडसन इंस्टीट्यूट के विश्लेषक ब्रायन क्लार्क के अनुसार, अमेरिका के पास 11 विमानवाहक पोत हैं, लेकिन लगातार अभियानों के कारण अब जहाजों के रखरखाव (Maintenance Bottleneck) का एक बड़ा संकट खड़ा हो रहा है, जिसका असर आने वाले सालों में अमेरिकी नौसैनिक उपस्थिति पर पड़ेगा।

End of Feed