अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत में अवैध अफीम की खेती पर लगाम लगाने और सप्लाई चेन की सुरक्षा मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार के कदमों की जमकर सराहना की है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि मैं अवैध अफीम पोस्ते की खेती से निपटने और आपूर्ति शृंखला की अखंडता को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार के प्रयासों का स्वागत करता हूं। मैं 'अमेरिका-भारत ड्रग पॉलिसी फ्रेमवर्क' के माध्यम से निरंतर सहयोग की उम्मीद करता हूं।
अवैध अफीम की खेती पर लगाम के लिए ट्रंप ने की तारीफ (फाइल फोटो | X/@PMOIndia)
2027 के लिए ड्रग ट्रांजिट देशों की सूची में शामिल भारत
अमेरिकी प्रशासन ने आगामी वर्ष 2027 के लिए भारत को 20 से अधिक अन्य देशों के साथ 'प्रमुख अवैध मादक पदार्थ उत्पादक या ट्रांजिट देशों' की अपनी आधिकारिक सूची में रखा है। इस सूची में भारत के अलावा चीन, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, मेक्सिको, कोलंबिया और वेनेजुएला जैसे देश भी शामिल हैं।
सूची में शामिल होने का अर्थ विफलता नहीं
अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी देश का इस सूची में नाम शामिल होने का मतलब यह नहीं है कि वहां की सरकार नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रही है। यह सूची मुख्य रूप से भौगोलिक, व्यावसायिक और आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार की जाती है, जो किसी देश को अनजाने में एक व्यापारिक ट्रांजिट कॉरिडोर या कृषि केंद्र बना देती हैं।
ड्रग कार्टेल के खिलाफ ट्रंप का कड़ा रुख
अपनी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा नीतियों पर जोर देते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि उनके प्रशासन ने ड्रग कार्टेलों और नार्को-आतंकवादी नेटवर्क को ध्वस्त करने में "ऐतिहासिक सफलता" हासिल की है।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी दक्षिणी सीमा पर कड़े नियंत्रणों के कारण नशीले पदार्थों की तस्करी में 50% से अधिक की गिरावट आई है। साथ ही अमेरिका में ओवरडोज से होने वाली मौतों में भारी कमी आई है, जिससे हजारों नागरिकों की जान बची है। इसके अलावा ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई की छूट भी दी है, उनका कहना है कि इस घुसपैठ के लिए जिम्मेदार नार्को-आतंकवादी या तो मारे गए हैं, जेल में हैं या इस डर में जी रहे हैं कि अगला नंबर उनका है। ट्रंप ने आगे कहा कि अमेरिकी सेना को अब देश के बाहर नार्को-आतंकवादी खतरों पर सीधे हमला करने का अधिकार प्राप्त है। अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने रिकॉर्ड मात्रा में मादक पदार्थ जब्त किए हैं और सहयोगी देशों द्वारा प्रमुख कार्टेल सरगनाओं का प्रत्यर्पण बढ़ा है।
