इजरायल-हमास युद्ध के बीच यूएस लेखक ने की पूर्व पीएम मनमोहन की जमकर तारीफ, मुंबई हमले का दिया हवाला

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Nov 1, 2023, 02:43 PM IST

7 अक्टूबर को हमास के हमले के बाद से इजराइल गाजा पर बमबारी कर रहा है। इजराइल पर हमास के हमले में 1,400 लोग मारे गए थे और 229 लोगों को हमास ने बंधक बना लिया था।

Israel-Hamas War: 7 अक्टूबर को हमास के हमले के बाद इजराइल को 26/11 हमले पर भारत की प्रतिक्रिया से कुछ सीखना चाहिए था, जिसमें तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सैन्य जवाबी कार्रवाई नहीं करने का फैसला किया था। अमेरिकी लेखक थॉमस फ्रीडमैन ने पूर्व पीएम मनमोहन की तारीफ करते हुए ये बात कही है। फ्रीडमैन ने न्यूयॉर्क टाइम्स में इजराइल-हमास युद्ध पर अपने लेख में मुंबई में 26/11 के आतंकवादी हमले पर भारत की प्रतिक्रिया का जिक्र करते हुए मनमोहन सिंह की प्रशंसा की। अमेरिकी लेखक ने कहा, मैं इजराइल-हमास युद्ध देख रहा हूं और उन विश्व नेताओं में से एक के बारे में सोच रहा हूं जिनकी मैं सबसे अधिक प्रशंसा करता हूं- मनमोहन सिंह।

Manmohan singh

पूर्व पीएम मनमोहन सिंह

26 नवंबर, 2008 का मुंबई हमला

जब 26 नवंबर, 2008 को लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकवादियों ने भारत में घुसपैठ कर दो लक्जरी होटलों में 61 लोगों सहित मुंबई में 160 से अधिक लोगों की हत्या कर दी थी, तब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे। फ्रीडमैन ने कहा, भारत के 11 सितंबर के हमले पर मनमोहन सिंह की सैन्य प्रतिक्रिया क्या थी? उन्होंने कुछ नहीं किया। सिंह ने कभी भी पाकिस्तान राष्ट्र या पाकिस्तान में लश्कर शिविरों के खिलाफ सैन्य जवाबी कार्रवाई नहीं की। यह संयम का एक शानदार उदाहरण था। पूर्व भारतीय विदेश सचिव शिवशंकर मेनन का हवाला देते हुए अमेरिकी लेखक ने कहा कि 26/11 हमले के बाद सैन्य जवाबी कार्रवाई न करना उस समय सही बात थी। फ्रीडमैन ने मुंबई आतंकवादी हमले पर भारत की प्रतिक्रिया और हमास नरसंहार पर इजराइल की प्रतिक्रिया के बीच अंतर समझाया।

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