पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान के समर्थक और खैबर पख्तूनख्वा के सीएम सोहेल अफरीदी की कुर्सी खतरे में दिखाई दे रही है। रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सोहेल को सीधी चेतावनी दी है कि उनके बयानों के कारण उनकी कुर्सी जा सकती है। दरअसल, सोहेल अफरीदी ने इमरान खान की रिहाई के लिए 'रिलीज इमरान खान फोर्स'बनाने की बात कही थी। जिसपर अब ख्वाजा आसिफ की चेतावनी आई है। उन्होंने न सिर्फ रिलीज इमरान खान फोर्स को असंवैधानिक और अवैध बताया है, बल्कि कुर्सी को लेकर भी चेता दिया है।
ख्वाजा आसिफ और खैबर पख्तूनख्वा के सीएम सोहेल अफरीदी।
सामा न्यूज से बातचीत में ख्वाजा आसिफ ने कहा कि उन्हें ऐसे बयान नहीं देने चाहिए। मुझे लगता है कि उनकी नौकरी खतरे में है और सोहेल इस तरह के बयान देकर केवल अपनी स्थिति मजबूत करना चाहते हैं। आसिफ ने शुक्रवार को जियो न्यूज से भी बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री ने अपनी कुर्सी बचाने के लिए 'इमरान खान रिलीफ फोर्स' की घोषणा की है। आसिफ ने साफ भी किया कि संघीय सरकार के अलावा किसी को भी कोई बल बनाने का अधिकार नहीं है। रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि पीटीआई संस्थापक को विदेश या इस्लामाबाद के बाहरी इलाके में स्थित खान के आवास बानी गाला में स्थानांतरित करने के बारे में कभी कोई चर्चा नहीं हुई थी। उन्होंने कहा कि शायद सुविधाओं के संबंध में बातचीत हुई होगी,कुछ लोग इस तरह की बातों के जरिए अपना धंधा चलाना चाहते हैं।
दरअसल, 18 फरवरी को संसद भवन के बाहर बहुदलीय विपक्षी गठबंधन तहरीक तहफ्फुज-ए-आइएीन पाकिस्तान (TTAP) और पीटीआई के विधायकों द्वारा कई दिनों से जारी धरना समाप्त किए जाने के बाद मुख्यमंत्री अफरीदी ने ‘रिलीज इमरान खान फोर्स’ की घोषणा की थी। सुप्रीम कोर्ट के बाहर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, अफ़रीदी ने कहा कि उन्हें जेल में बंद पीटीआई संस्थापक द्वारा "सड़क आंदोलन" का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि अदालती आदेशों को कूड़ेदान में फेंका जा रहा है। इतना ही नहीं उन्होंने यह दावा भी किया कि पीटीआई संस्थापक अध्यक्ष को अभी भी उनके निजी डॉक्टरों से मिलने नहीं दिया जा रहा है।
73 वर्षीय पूर्व क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान खान 5 अगस्त 2023 से जेल में हैं। उन्हें एक भ्रष्टाचार मामले में 14 वर्ष की सजा सुनाई जा चुकी है, जबकि कई अन्य मामले विभिन्न अदालतों में लंबित हैं।रक्षा मंत्री की टिप्पणी के बाद पाकिस्तान की राजनीति में एक बार फिर केंद्र और खैबर पख्तूनख्वा सरकार के बीच टकराव की स्थिति बनती दिख रही है।
