थाईलैंड और कंबोडिया के बीच जारी सीमा संघर्ष के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। थाईलैंड के प्रधानमंत्री कार्यालय ने रविवार को पुष्टि की कि दोनों देशों के नेता सोमवार को मलेशिया में एक उच्चस्तरीय शांति वार्ता में हिस्सा लेंगे। इस वार्ता का उद्देश्य चार दिन से जारी संघर्ष को समाप्त कर क्षेत्र में शांति बहाल करना है।
थाईलैंड और कंबोडिया के बीच जारी है संघर्ष (फोटो- AP)
चार दिनों से जारी संघर्ष में 34 की मौत
थाईलैंड और कंबोडिया की सीमा पर तनाव उस समय भड़क उठा, जब बृहस्पतिवार को एक सुरंग में हुए विस्फोट में पांच थाई सैनिक घायल हो गए। इसके बाद दोनों सेनाओं के बीच गोलीबारी और सैन्य झड़पें शुरू हो गईं। अब तक इस संघर्ष में 34 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि लगभग 1.68 लाख लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं।
अमेरिका की मध्यस्थता का असर
थाईलैंड के प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता जिरायु हुआंगसाप ने बताया कि कार्यवाहक प्रधानमंत्री फुमथाम वेचायाचाई मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के आमंत्रण पर आयोजित हो रही वार्ता में भाग लेंगे। यह वार्ता सोमवार को मलेशिया में होगी और इसका उद्देश्य “क्षेत्र में शांति प्रयासों पर चर्चा” करना है। जिरायु ने यह भी कहा कि कंबोडिया के प्रधानमंत्री हुन मानेट के भी इस बैठक में शामिल होने की संभावना है, हालांकि कंबोडियाई अधिकारियों ने इसकी तत्काल पुष्टि नहीं की है।
ट्रंप की एंट्री
इससे पहले, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों देशों के नेताओं से बातचीत कर संघर्ष को समाप्त करने का आग्रह किया था। ट्रंप की मध्यस्थता के बाद कंबोडिया ने "तत्काल और बिना शर्त युद्धविराम" पर सहमति जताई। हुन मानेट ने रविवार को कहा कि ट्रंप ने उन्हें जानकारी दी है कि थाईलैंड भी संघर्षविराम के लिए सहमत हो गया है।
तनाव बरकरार, सीमा पर जारी है गोलीबारी
हालांकि कूटनीतिक प्रयास तेज हो गए हैं, लेकिन जमीनी स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है। रविवार को भी विवादित सीमा क्षेत्रों में संघर्ष जारी रहा। दोनों देश एक-दूसरे पर संघर्ष बढ़ाने के आरोप लगा रहे हैं। थाई सेना की उप प्रवक्ता कर्नल रिचा सुक्सोवानोन्त ने बताया कि रविवार तड़के कंबोडियाई सेना ने थाईलैंड के सुरीन प्रांत में भारी गोलीबारी की। इसके जवाब में थाई सेना ने भी जवाबी कार्रवाई की।
