Pakistani Writer Tarek Fatah Death: पाकिस्तानी मूल के लेखक तारिक फतेह का लंबी बीमारी के बाद सोमवार को निधन हो गया वह 73 वर्ष के थे, गौर हो कि मशहूर लेखक तारिक फतेह एक लंबे समय से पाकिस्तान छोड़ कनाडा में रह रहे थे, तारिक फतेह बीते कई दिनों से कैंसर की बीमारी के चलते अस्पताल में भर्ती थे।
पाकिस्तान के मशहूर लेखक तारिक फतेह का निधन हो गया है (फाइल फोटो)
उनके निधन की जानकारी उनकी बेटी नताशा फतेह ने ट्विटर पर शेयर की है। कनाडा में रहने वाले लेखक इस्लाम और आतंकवाद पर अपने बेबाक बयानों के लिए जाने जाते थे, उन्होंने कई किताबें लिखी हैं साथ ही फतेह ने कनाडा में एक राजनीतिक कार्यकर्ता, पत्रकार और टेलीविजन होस्ट के रूप में कार्य किया है।
Lion of Punjab.Son of Hindustan.Lover of Canada.Speaker of truth.Fighter for justice.Voice of the down-trodden… t.co/kMjs2oIoh3
— ANI (@ANI) Apr 24, 2023
इस्लामी अतिवाद के ख़िलाफ़ बोलने के लिये प्रसिद्ध तारिक फतेह इस्लामी अतिवाद के खिलाफ़ बोलने और एक उदारवादी इस्लाम के पक्ष को बढ़ावा देने के लिये प्रसिद्ध रहे। वो दक्षिण एशिया और विशेष रूप से कट्टरपंथी भारतीय और पाकिस्तानी मुसलमानों की अलगाववादी संस्कृति के विरुद्ध भी बोलते थे साथ ही वे बलोचिस्तान में मानवाधिकार के हनन और पाकिस्तान द्वारा बलोचिस्तान में किये जा रहे ज्यादतियों के विषय पर भी बोलते और लिखते थे और 'आज़ाद बलोचिस्तान' के पक्षधर के रूप में भी जाने जाते थे, उन्होंने कनाडाई मुस्लिम कांग्रेस का स्थापना किया और वे इस्लाम का उदारवादी और प्रगतिशील रूप के समर्थक थे, वे ज़ी न्यूज़ के फ़तह का फ़तवा कार्यक्रम में इस्लाम पर लगातार अपना नजरिया पेश करते आ रहे थे।
फिल्ममेकर विवेक अग्निहोत्री ने ट्वीट कर दुख जताया
उनके निधन पर भारतीय फिल्ममेकर विवेक अग्निहोत्री ने ट्वीट कर दुख जताया है. उन्होंने लिखा, "एक ही था तारिक फतेह- साहसी, मजाकिया, जानकार, विचारक, महान वक्ता और एक निडर सेनानी. तारिक, मेरे भाई, आपको एक घनिष्ठ मित्र के रूप में पाकर प्रसन्नता हुई. ओम शांति."
There was one and only @TarekFatah - daring, funny, knowledgable, sharp thinker, great orator and a fearless fighte… t.co/YoVtuNIY3f
— ANI (@ANI) Apr 24, 2023
उनका जन्म कराची में हुआ था
तारिक फतेह का जन्म 20 नबंवर, 1949 को हुआ था, उनका जन्म कराची में हुआ था लेकिन वे पंजाबी मूल के थे, उन्होंने कराची विश्वविद्यालय से जीव-रसायन (बायोकेमिस्ट्री) में शिक्षा प्राप्त की थी, कनाडा में अपना घर बसाने से पहले उनका परिवार साउदी अरब में कुछ साल रहा था।
उनके विचार, अक्सर बहस और विवाद का पात्र रहते थे
पाकिस्तानी व्यवस्थापिका तथा इस्लामिक कट्टरपंथ, एवं इस्लामिक इतिहास और कुछ परंपराओं के विषय में बोलने के कारण, उनके विचार, अक्सर बहस और विवाद का पात्र रहते थे।
खुद को पाकिस्तान में पैदा हुए हिंदुस्तानी के रूप में पहचाना
जनरल जिया-उल हक ने 1977 में उन पर राजद्रोह का आरोप लगाया वह साल 1987 में कनाडा गए और तब से एक पत्रकार के रूप में काम में लगे रहे। तारिक फतेह इस्लामी कट्टरता के घोर आलोचक थे, वहीं उन्होंने हमेशा ही खुद को पाकिस्तान में पैदा हुए हिंदुस्तानी के रूप में पहचाना।
उन्हें जान से मारने की धमकी मिल चुकी थीं
उनके तीखे बयानों को लेकर कई बार उन्हें जान से मारने की धमकी मिल चुकी थीं इसी साल फरवरी में फतेह ने ट्वीट कर बताया था कि कुछ लोगों ने उनका सिर तन से जुदा करने की योजना बनाई है वहीं साल 2017 में बरेली के एक मुस्लिम संगठन ने तारिक फतेह का सिर कलम करने वाले को 10 लाख रुपये का इनाम देने एलान किया था।
