Singapore Oldest Hindu Temple: सिंगापुर का सबसे पुराना हिंदू मंदिर श्री मरिअम्मन एक बार फिर से सुर्खियों में हैं। इस मंदिर में पीएम मोदी भी पूजा-अर्चना कर चुके हैं। इस बार चर्चा की वजह वो 20 हजार लोग हैं, जो इस मंदिर के एक कार्यक्रम में शामिल हुए हैं।
पुनरोद्धार कार्यक्रम
दरअसल इस मंदिर में पुनरोद्धार कार्यक्रम चल रहा था। जिसकी वजह से यह आम लोगों के लिए बंद था। निर्माण काम खत्म होने पर इसे फिर से जनता के लिए खोल दिया गया है। इस अवसर पर श्री मरिअम्मन हिंदू मंदिर में प्रतिष्ठापन कार्यक्रम का आयोजन हुआ। जिसमें 20 हजार लोग शामिल हुए। इतनी भारी संख्या में लोगों के उमड़ने की उम्मीद किसी को नहीं थी। यहां ज्यादातर लोग बौद्ध धर्म में विश्वास रखते हैं। ऐसे में इतने लोगों का मंदिर पहुंचना हैरान कर देने वाला है।
भारत से गए थे मूर्तिकार
करीब एक साल की मरम्मत के बाद रविवार को इसे आम लोगों के लिए खोल दिया गया। सिंगापुर सरकार ने जीर्णोद्धार कार्य पर 2.6 मिलियन डॉलर खर्च किए। इसके निर्माण के लिए भारत से 12 विशेषज्ञ मूर्तिकार सिंगापुर बुलाए गए थे। जिन्होंने गर्भगृह, गुंबद और छत पर भित्तिचित्रों पर काम किया है। इस मंदिर का निर्माण 200 साल पहले प्रवासी भारतीयों ने ही किया था।
क्या है इतिहास
श्री मरिअम्मन द्रविड़ शैली में बना एक आगमिक मंदिर है। नरैना पिल्लई ने 1827 में मंदिर की स्थापना की थी। पिल्लई एक सरकारी क्लर्क थे, जो मई 1819 में सर स्टैमफोर्ड रैफल्स के साथ सिंगापुर पहुंचे थे। आज की तारीख में इस मंदिर को एक राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा मिला हुआ है। मंदिर का प्रबंधन हिंदू एंडोमेंट्स बोर्ड द्वारा किया जाता है, जो सामुदायिक विकास, युवा और खेल मंत्रालय के तहत एक वैधानिक बोर्ड है।
