बीते दिन भारी बारिश और फिर उत्तरी और पूर्वी अफगानिस्तान और पश्चिमी पाकिस्तान में देर रात आए 5.8 तीव्रता के भूकंप ने राज कपूर की ऐतिहासिक कपूर हवेली को नुकसान पहुंचाया है। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में स्थित बॉलीवुड के दिग्गज शोमेन राज कपूर की हवेली का एक हिस्सा ढह गया। उनकी इस हवेली को पाकिस्तान सरकार ने 2016 में राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया था।
राज कपूर और उनकी पेशावर स्थित हवेली। (फाइल फोटो- विकीपीडिया)
इस बारे में अधिकारियों और स्थानीय निवासियों ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पेशावर के किस्सा ख्वानी बाजार क्षेत्र में स्थित करीब 100 साल पुरानी ये हवेली लगातार बारिश और समय की मार के कारण पहले ही कमजोर हो गई थी, फिर शुक्रवार देर रात आए भूकंप ने इस हवेली को और नुकसान पहुंचाया।
2016 में राष्ट्रीय धरोहर घोषित की गई
अब 2016 में राष्ट्रीय धरोहर घोषित की गई इस हवेली को बचाने को लेकर चिंता गहरा गई है। खैबर पख्तूनख्वा विरासत परिषद के सचिव शकील वहीदुल्लाह ने बताया कि नुकसान गंभीर है और इमारत को तत्काल संरक्षण की जरूरत है। उन्होंने पुरातत्व विभाग और प्रांतीय सरकार से जीर्णोद्धार प्रक्रिया तुरंत शुरू करने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अब भी कदम नहीं उठाए गए, तो क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को अपूरणीय नुकसान हो सकता है। हालांकि, घटना में किसी के हताहत होने या घायल होने की कोई खबर नहीं है।
राज कपूर के दादा दीवान बशेश्वरनाथ कपूर ने बनवाई थी हवेली
जिस कपूर हवेली को भूकंप के कारण नुकसान हुआ है, उसका निर्माण 1918 से 1922 के बीच राज कपूर के दादा दीवान बशेश्वरनाथ कपूर ने करवाया था। यह घर पृथ्वीराज कपूर का पैतृक निवास था, जिनसे कपूर परिवार का फिल्मी सफर शुरू हुआ। राज कपूर और उनके चाचा त्रिलोक कपूर का जन्म भी इसी हवेली में हुआ था। हवेली में करीब 40 कमरे थे और इसका सामने का हिस्सा फूलों की डिजाइनों और झरोखों से सजा हुआ था। कभी इसे अपने समय की सबसे सुंदर वास्तुकलाओं में गिना जाता था।
शम्मी और शशि कपूर भले ही भारत में जन्मे लेकिन...
यह वही हवेली थी जिसमें राज कपूर के दो छोटे भाई-बहन पैदा हुए थे, लेकिन उनकी मृत्यु 1931 में हो गई थी। राज कपूर के भाई शम्मी कपूर और शशि कपूर का जन्म भारत में हुआ था। फिर भी,वे अक्सर हवेली में आते-जाते थे, इतना ही नहीं कई बार वे यहां रहते भी थे।
1947 में कपूर खानदान आ गया था भारत
विभाजन के बाद 1947 में कपूर परिवार भारत आ गया और हवेली वीरान होती चली गई। दशकों से उपेक्षित रहने के बावजूद इसकी पुरानी भव्यता के निशान आज भी स्पष्ट दिखाई देते हैं। राज कपूर के बेटे ऋषि कपूर और रणधीर कपूर ने 1990 के दशक में इस स्थान का दौरा भी किया था।
