Ship Blaze Strait of Hormuz: पश्चिम एशिया में जारी भीषण महायुद्ध के बीच एक और बेहद परेशान करने वाली खबर सामने आई है। ओमान के तट के पास और रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' में सोमवार तड़के एक विशाल मालवाहक जहाज में भीषण आग लग गई है। ब्रिटिश सेना के 'यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस' (UKMTO) केंद्र ने इस घटना की पुष्टि करते हुए एक आपातकालीन सुरक्षा चेतावनी जारी की है।
ओमान तट के पास 'हॉर्मुज' में जहाज धूं-धूं कर जला, इस हादसे के पीछे कौन? अमेरिका-ईरान में हर दिन के साथ बढ़ रहा युद्ध (AP)
यूकेएमटीओ के अनुसार, जहाज में आग किस वजह से लगी है, यह अभी तक पूरी तरह साफ नहीं हो पाया है। हालांकि, यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब ईरान इस पूरे समुद्री मार्ग पर अपना पूर्ण नियंत्रण होने का दावा करते हुए अमेरिकी और उसके सहयोगी देशों के जहाजों पर लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहा है।
ओमान के रास्ते को ईरान बना रहा निशाना
अमेरिकी सेना ने हाल ही में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को पार करने के लिए ओमान के करीब वाले समुद्री रास्ते का उपयोग करने की सलाह दी थी। ईरान इस कदम से पूरी तरह भड़क गया है और वह ओमान के पास से गुजरने वाले हर जहाज को निशाना बना रहा है।
इस बीच, सैन्य मोर्चे पर दोनों महाशक्तियों के बीच हालात पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो चुके हैं। अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोमवार तड़के ईरान के भीतर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के ठिकानों पर लगातार नौवीं रात भी विनाशकारी बमबारी जारी रखी। इराक में शनिवार को एक ईरानी ड्रोन के मलबे को नष्ट करने के दौरान एक और अमेरिकी सैनिक की मौत के बाद अमेरिका ने यह आक्रामक रुख अपनाया है। इस युद्ध में अब तक कुल 17 अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं।
पहाड़ों में छिपे ईरानी मिसाइल बेस
यूएस सेंट्रल कमांड द्वारा जारी किए गए ताजा फुटेज में अमेरिकी लड़ाकू विमानों और समुद्र से दागी गईं टॉमहॉक क्रूज मिसाइलों को पहाड़ों के बीच स्थित ईरानी ठिकानों को तबाह करते हुए देखा जा सकता है। ईरान की सेना अक्सर अपने मिसाइल डिपो पहाड़ों की घाटियों में छिपाकर रखती है।
इसके साथ ही, ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने दावा किया है कि अमेरिकी मिसाइलों ने देश के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में निर्माणाधीन डार्कहॉविन परमाणु ऊर्जा संयंत्र को निशाना बनाया है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने साफ किया है कि इस शुरुआती चरण वाले संयंत्र में फिलहाल कोई परमाणु सामग्री मौजूद नहीं थी।
इसके अलावा ईरान ने अमेरिकी हमलों का बदला लेने के लिए मध्य पूर्व के उन सभी अरब देशों पर मिसाइलों की बरसात कर दी है जो अमेरिका के सहयोगी हैं। ईरान ने जॉर्डन के अकाबा बंदरगाह को निशाना बनाकर कई मिसाइलें दागीं। जॉर्डन की सेना ने अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम की मदद से इन्हें हवा में ही नष्ट कर दिया। इस हमले के बाद पड़ोसी देश इजरायल के इलियट (Eilat) शहर में भी हफ्तों बाद पहली बार हवाई हमले के सायरन गूंज उठे, क्योंकि मिसाइलों का मलबा इजरायली सीमा में गिरने का खतरा पैदा हो गया था। इजरायल के सैन्य प्रमुख जनरल अयाल जमीर ने कहा है कि उनकी सेना तुरंत युद्ध में उतरने के लिए तैयार है।
कुवैत के एक प्रमुख बिजली और पानी के डिसेलिनेशन (खारे पानी को मीठा बनाने वाले) प्लांट पर दो दिनों में दूसरी बार ईरानी हमला हुआ है, जिससे वहां भयंकर आग लग गई है। कुवैत अपनी जरूरत का 90% पीने का पानी इसी तकनीक से हासिल करता है।
