India China Relations: भारतीयविदेश मंत्री एस जयशंकर ने दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों के संगठन (आसियान) की बैठक के दौरान चीनी विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की। उन्होंने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) को लेकर चीनी समकक्ष के सामने अपना पक्ष रखा और कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा और पिछले समझौतों का पूरा सम्मान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संबंधों को स्थिर करना हमारे आपसी हित में है।
एस जयशंकर और चीनी विदेश मंत्री की बैठक।
चीनी विदेश मंत्री से जयशंकर की मुलाकात
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि आज वियनतियाने में सीपीसी पोलित ब्यूरो के सदस्य और चीनी विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की। हमने द्विपक्षीय संबंधों के बारे में चल रही चर्चाओं को जारी रखा। उन्होंने कहा कि सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए मजबूत कदम उठाने की आवश्यकता पर सहमति बनी। साथ ही कहा कि एलएसी और पिछले समझौतों का पूरा सम्मान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। हमारे संबंधों को स्थिर करना हमारे आपसी हित में है। हमें तात्कालिक मुद्दों को उद्देश्य और तत्परता की भावना के साथ देखना चाहिए।
विदेश मंत्री आसियान की बैठक में पहुंचे
बता दें कि विदेश मंत्री एस जयशंकर आसियान की बैठक के लिए गुरुवार को अपने तीन दिवसीय दौरे पर लाओस की राजधानी वियनतियाने पहुंचे। इससे पहले एस जयशंकर ने कहा कि वह दक्षिण पूर्वी राष्ट्रों के संगठन के साथ संबंधों को मजबूत करने के लिए तत्पर हैं।
एस जयशंकर ने लिखा कि आसियान-मैकेनिज्म बैठकों में हिस्सा लेने के लिए लाओस की राजधानी वियनतियाने पहुंच गया हूं। एक्ट ईस्ट नीति के 10 साल पूरे होने के अवसर पर आसियान के साथ भारत के संबंधों को और गहरा बनाने की उम्मीद है।
इन देशों का करेंगे दौरा
जानकारी के मुताबिक, वियनतियाने से विदेश मंत्री एस जयशंकर 29 जुलाई को ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका के विदेश मंत्रियों के साथ क्वाड विदेश मंत्रियों की अगली बैठक में हिस्सा लेने के लिए जापान के टोक्यो जाएंगे। वियनतियाने में दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्रों के संगठन (आसियान) के विदेश मंत्रियों की 57वीं बैठक (एएमएम) में 31 देशों के विदेश मंत्रियों और प्रतिनिधियों समेत 1 हजार से ज्यादा प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।
