Tu-154 crash : रूस के अमूर ओब्लास्ट में बड़ा प्लेन हादसा हुआ है। रिपोर्टों के मुताबिक विमान हादसे में छह लोगों के मारे जाने की खबर है। बताया गया कि प्लेन में सात लोग सवार थे। विमान जहां पर क्रैश हुआ वहां आग की लपटें उटती दिखाई दीं। शुरुआती रिपोर्टों में कहा गया कि विमान के ईंधन टैंक में विस्फोट होने की वजह से यह हादसा हुआ। Tu-154 सोवियत संघ के समय का तीन इंजनों वाला विमान है। यह 1970 के दशक से सेवा में है। नागरिक उड्डयन क्षेत्र में इस विमान का इस्तेमाल होने के बाद परिवहन एवं सरकारी कार्यों के लिए रूसी सेना इस विमान का इस्तेमाल करती है।
हादसे का शिकार हुआ रूस का सैन्य विमान।
विमान में कुल सात लोग सवार थे
रिपोर्टों के अनुसार हादसा क्रास्नोयारोवो गांव के पास हुआ। विमान में कुल सात लोग सवार थे। हादसे में चालक दल के छह सदस्यों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति घायल हो गया, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दमकलकर्मी आग बुझाने में जुटे हुए हैं। यह विमान ‘यूक्रेनका’ एयर ग्रुप का बताया जा रहा है। बाजा के अनुसार, अमूर क्षेत्र में हुए Tu-154 सैन्य विमान हादसे की प्रारंभिक वजह विमान में ईंधन विस्फोट बताई जा रही है।
जमीन से टकराने पर ईंधन में धमाका हुआ?
शुरुआती जानकारी में कहा गया कि टेकऑफ के फौरन बाद विमान में दिक्कत आई और जमीन से टकराने पर ईंधन में धमाका हुआ, जिससे विमान का ढांचा तबाह हो गया। रूसी रक्षा अधिकारियों ने कारणों की जांच शुरू कर दी है और राहत टीमें फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर की तलाश कर रही हैं। अभी तक किसी आधिकारिक बयान में हादसे की वजह की पुष्टि नहीं हुई है।
पुराने विमानों की सुरक्षा पर सवाल
इस घटना से सोवियत दौर के पुराने बेड़े की सुरक्षा और रखरखाव पर फिर सवाल उठे हैं, जिसे रूस की सरकारी एजेंसियां आज भी इस्तेमाल करती हैं। Tu-154 को रूसी एयरलाइंस हटा चुकी हैं, पर सेना और कुछ सरकारी एजेंसियां इसे चला रही हैं। दिसंबर 2016 में रक्षा मंत्रालय का एक Tu-154 सोची से उड़ान भरने के बाद काला सागर में गिरा था। उसमें सवार सभी 92 लोग मारे गए थे, जिनमें रेड आर्मी कॉयर के सदस्य भी थे। 2010 में स्मोलेंस्क में पोलैंड के राष्ट्रपति लेक काचिंस्की को ले जा रहा Tu-154 भी क्रैश हुआ था, जिसमें सभी 96 लोग मारे गए थे
