ब्रिटेन और रूस का अफगानिस्तान प्रेम, क्या कूटनीति के बदलते समीकरण या कुछ और ही मकसद?

Russia-Britain-Afghanistan Relation: ब्रिटेन और रूस अचानक अफगानिस्तान के करीब आते दिख रहे हैं, क्या है इसके पीछे की वजह; क्या यह केवल सुरक्षा का मामला है या इसके पीछे छिपा है कोई और ही मकसद?

Russia-Britain-Afghanistan Relation: ब्रिटेन और रूस अचानक अफगानिस्तान (Afghanistan) के करीब आ रहे हैं, इसके पीछे की वजह क्या है; क्या यह केवल सुरक्षा का मामला है या इसके पीछे कुछ और ही कारण हैं...? बता दें कि रूसी और ब्रिटिश दूतों ने हाल ही में काबुल में तालिबान के कार्यवाहक विदेश मंत्री अमीर खान मुताकी से मुलाकात की। साल 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद यह पहली बार है जब प्रमुख पश्चिमी और रूसी दूत एक ही दिन काबुल में उच्च-स्तरीय बैठकों के लिए पहुंचे, जो क्षेत्र में बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता का संकेत है।

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ब्रिटेन और रूस अचानक अफगानिस्तान के करीब आते दिख रहे हैं (फाइल फोटो)

इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य अफगानिस्तान के साथ द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय स्थिरता, व्यापार और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देना था। इस अहम बैठक में रूसी दूत जमीर काबुलोव ने व्यापार, ऊर्जा और ट्रांजिट के क्षेत्रों में आर्थिक सहयोग का विस्तार करने और संयुक्त परियोजनाओं के माध्यम से संबंध मजबूत करने की इच्छा जताई।

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