Rubio Praises Pakistan Partnership In Countering Terrorism: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शुक्रवार को वाशिंगटन में पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूत करने, व्यापार सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा पर व्यापक चर्चा की। रुबियो ने कहा कि उन्होंने आतंकवाद का मुकाबला करने और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने में पाकिस्तान की साझेदारी के लिए डार का आभार जताया। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने और महत्वपूर्ण खनिज एवं खनन क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने के तरीकों पर भी चर्चा की। वहीं, इस मुलाकात में टीआरएफ पर डार के सुर भी बदल गए।
मार्को रुबियो ने की इशाक डार से मुलाकात (Marco Rubio/X)
इशाक डार के सुर बदले
वहीं, पाकिस्तान के विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार ने प्रतिबंधित आतंकवादी समूह द रेजिस्टेंस फ्रंट पर इस्लामाबाद के रुख का बचाव किया, यह बात अमेरिका द्वारा इस संगठन को विदेशी आतंकवादी संगठन (FTO) के रूप में सूचीबद्ध किए जाने के कुछ ही समय बाद कही गई। द रेजिस्टेंस फ्रंट– जिसे भारत और अमेरिका पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा की एक शाखा मानते हैं, उसने 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकवादी हमले की ज़िम्मेदारी ली थी।
वाशिंगटन डीसी में एक कार्यक्रम में डार ने कहा, टीआरएफ को प्रतिबंधित करना स्पष्ट रूप से अमेरिका का एक संप्रभु फैसला है। हमें कोई आपत्ति नहीं है। और अगर उनके पास इस बात का कोई सबूत है कि वे इसमें शामिल हैं, तो हम इसका स्वागत करते हैं। डार ने शुक्रवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात के बाद यह बात कही।
डार ने कहा, टीआरएफ को लश्कर-ए-तैयबा से जोड़ना गलत है। उस संगठन को पाकिस्तान ने वर्षों पहले खत्म कर दिया था। इसके सदस्यों पर मुकदमा चलाया गया, उन्हें गिरफ्तार किया गया और जेल में डाला गया, और पूरे संगठन को नष्ट कर दिया गया। इससे पहले डार ने पाकिस्तान की संसद को बताया कि इस्लामाबाद ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव में टीआरएफ का जिक्र रोक दिया था, जिसमें पहलगाम हमलों की निंदा की गई थी।
अमेरिका-पाकिस्तान आतंकवाद-रोधी वार्ता पर चर्चा
अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस के अनुसार, विदेश मंत्री रुबियो ने ईरान के साथ बातचीत में मध्यस्थता करने में रचनात्मक भूमिका निभाने की पाकिस्तान की निरंतर इच्छा और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने की उसकी प्रतिबद्धता की सराहना की। दोनों पक्षों ने इस अगस्त में इस्लामाबाद में होने वाली आगामी अमेरिका-पाकिस्तान आतंकवाद-रोधी वार्ता की योजनाओं पर भी चर्चा की। इस वार्ता में ISIS-K जैसे आतंकवादी समूहों के खिलाफ सहयोग बढ़ाना शामिल था, क्योंकि दोनों देश इस क्षेत्र में आतंकवाद-रोधी प्रयासों को व्यापक बनाना चाहते हैं।
रुबियो ने पारस्परिक रूप से लाभकारी द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने और खनिज क्षेत्र में संयुक्त कार्य के लिए भविष्य के अवसरों की खोज के महत्व पर जोर दिया, जो महत्वपूर्ण संसाधनों की बढ़ती वैश्विक मांग के बीच अहम है।
अरब न्यूज के अनुसार, इशाक डार अमेरिका की आठ दिवसीय यात्रा पर हैं, जिसके दौरान उन्होंने इस महीने पाकिस्तान की अध्यक्षता के तहत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की कई बैठकों की अध्यक्षता की। यह बैठक रुबियो द्वारा यह घोषणा करने के कुछ ही दिनों बाद हो रही है कि अमेरिका पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूह लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के एक संगठन, द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) को एक विदेशी आतंकवादी संगठन (FTO) और एक विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी (SDGT) दोनों के रूप में नामित करेगा। टीआरएफ ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की ज़िम्मेदारी ली थी, जिसमें 26 लोगों की हत्या की गई थी।
