Iran US Peace Deal: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक, दोनों देशों के बीच एक शुरुआती समझौता मसौदा तैयार किया गया है, जिसका मकसद खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव को कम करना और होर्मुज में स्थिरता बहाल करना शामिल है।
अमेरिका-ईरान के बीच नाजुक मोड़ पर समझौता (फाइल फोटो)
नाजुक मोड़ पर समझौता
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मसौदे में कई अहम बिंदुओं पर सहमति बनने की संभावना जताई जा रही है। प्रस्ताव के तहत ईरान 30 दिनों के भीतर होर्मुज में व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही को युद्ध से पहले की स्थिति के हिसाब से बहाल करेगा। इस अहम समुद्री जलमार्ग का संचालन ईरान और ओमान मिलकर करेंगे। हालांकि, अमेरिकी सैन्य जहाजों को इस व्यवस्था से बाहर रखा गया है।
होर्मुज से नाकेबंदी हटा सकता है अमेरिका
इसके बदले, अमेरिका ईरान के आसपास तैनात अपने सैन्य बलों को हटाने पर सहमत हो सकता है। साथ ही, अमेरिका द्वारा लगाए गए नौसैनिक प्रतिबंधों को हटाने की भी बात कही गई है, जिससे क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियां सामान्य हो सकेंगी। अगर 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौता हो जाता है, तो इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के बाध्यकारी प्रस्ताव के जरिए औपचारिक रूप दिया जाएगा।
दुनिया को हो रहा आर्थिक नुकसान
होर्मुज दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का लगभग 20 फीसदी हिस्सा गुजरता है। हाल के महीनों में संघर्ष के चलते तेल आपूर्ति और उर्वरक वितरण बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
'ईरान अपनी सुरक्षा के लिए तैयार'
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने इस टकराव को 'आर्थिक युद्ध' करार देते हुए अमेरिका पर ईरानी जनता की आजीविका को निशाना बनाने का आरोप लगाया। वहीं, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) का कहना है कि अमेरिका की कमजोरी के कारण प्रत्यक्ष युद्ध की संभावना कम है, लेकिन ईरान अपनी सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।
होर्मुज में अभी भी मंडरा रहा खतरा
पिछले कुछ समय से कूटनीतिक कोशिशें तेज हो गई हैं, लेकिन क्षेत्र में हालात अभी भी संवेदनशील बने हुए हैं। ईरान का कहना है कि पिछले 24 घंटे में उसकी निगरानी में 23 जहाजों ने सुरक्षित रूप से होर्मुज को पार किया। दूसरी तरफ, लेबनान और गाजा में इजरायली सैन्य कार्रवाई जारी है, जिससे पश्चिम एशिया में अस्थिरता बनी हुई है।
