PoK Protest: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में आज बड़ा प्रदर्शन होने वाला है। ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेतृत्व में हजारों लोग अपनी मांगों को लेकर बुधवार को मुजफ्फराबाद की तरफ लॉन्ग मार्च करने वाले हैं। इस लॉन्ग मार्च की तैयारी पूरी हो चुकी है। इसके पहले JAAC ने कहा है कि सेना के लोग अलग-अलग जगहों सादे कपड़ों में तैनात हैं और उनके पास हथियार हैं। वे आंदोलन को अलग रूप देने के लिए गोलीबारी कर सकते हैं। JAAC ने लोगों से सावधान और ऐसे लोगों पर नजर रखने के लिए कहा है।
JAAC की मुजफ्फराबाद कूच की तैयारी। तस्वीर-X/@JAAC_
लॉन्ह मार्च में हजारों लोगों के शामिल होने की उम्मीद
समझा जाता है कि JAAC के इस मार्च में रावलाकोट, मीरपुर, कोटली और बाघ सहित अन्य जिलों के हजारों लोग शामिल होंगे। इस दौरान बड़े स्तर पर बंद और यातायात में व्यवधान देखा जा सकता है। दरअसल, अपनी मांगों को पूरा करने के लिए JAAC ने पाकिस्तान सरकार को चेतावनी दी थी। उसने कहा था कि उसकी मांगें यदि पूरी नहीं हुईं तो वह 15 जुलाई को मुजफ्फराबाद तक लॉन्ग मार्च आयोजित करेगी। JAAC गिरफ्तार नेताओं एवं एक्टिविस्ट्स की रिहाई और अत्यधिक बल प्रयोग पर रोक, संचार व्यवस्था एवं बिजली, खाद्य सामग्री सहित जरूरी सेवाओं की बहाली की मांग कर रही है।
प्रदर्शन की वजह से स्थानीय प्रशासन चरमराया
लगातार चल रहे इस विरोध प्रदर्शन की वजह से पीओके का स्थानीय प्रशासन चरमरा गया है। यही नहीं, JAAC ने कहा है कि प्रशासन में सुधार और राजनीति में उनकी ज्यादा नुमाइंदगी की मांग यदि पूरी नहीं हुई तो वह एक बड़ा राजनीतिक आंदोलन खड़ा करेगी। प्रदर्शनकारियों की बड़ी मांगों में PoK विधानसभा की 523 सीटों में से शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 सीटों को समाप्त करना भी है। JAAC का आरोप है कि पाकिस्तान की मुख्य धारा की पार्टियां इन 12 सीटों के जरिए अपना हित साधती हैं और इन सीटों के जरिए पीओके की क्षेत्रीय पार्टियों के वैध अधिकार को दरकिनार कर दिया जाता है।
प्रदर्शनकारियों से सख्ती से निपट रही पाकिस्तानी सेना
अपनी मांगों को लेकर JAAC का विरोध प्रदर्शन लंबे समय से चल रहा है लेकिन इनसे बातचीत करने की जगह पाकिस्तान ने दमनकारी रवैया अपनाया है। रिपोर्टों की मानें तो पाकिस्तानी सेना प्रदर्शनकारियों से सख्ती से निपट रही है। आंदोलन कुचलने के लिए पाकिस्तान सेना ने इनकी बिजली काट दी और खाद्य सामग्रियों की आपूर्ति करना बंद कर दिया। बताया जा रहा है कि प्रदर्शन वाले स्थलों के आस-पास 16 हजार से ज्यादा सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है।
झड़पों में 20 से ज्यादा लोगों की मौत होने का दावा
कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़पें हुई हैं और इन झड़पों में कथित रूप से 20 से ज्यादा लोगों की जान गई है। स्थानीय रिपोर्टों में कहा गया है कि बुधवार के मार्च से पहले अलग-अलग जिलों में आठ बड़े प्रदर्शन हुए हैं। सुधनोती और मटियाल मीरा के ताजा झड़पों में कथित रूप से एक पाकिस्तानी रेंजर सहित नौ लोगों की मौत हुई। JAAC का कहना है कि उसकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो उसकी मौजूदा 38 मांगों का दायरा बड़ा हो जाएगा और इससे भी बड़ा आंदोलन होगा।
