G20 Summit 2025: दक्षिण अफ्रीका के शहर जोहानिसबर्ग में आयोजित जी20 सम्मेलन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां पहुंचे हैं। शनिवार को वह इस समारोह के आयोजन स्थल पहुंचे तो राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। आयोजन स्थल पर प्रोटोकॉल के तहत पीएम मोदी लाल कालीन पर चलते हुए आए और स्वागत स्थल पर पहले से खड़े रामाफोसा ने मजबूती के साथ पीएम मोदी से हाथ मिलाया। इस दौरान दोनों नेताओं ने एक दूसरे से बातचीत भी की। पीएम मोदी जी20 सम्मेलन में तीन सत्र को संबोधित करने वाले हैं। उनके इस संबोधन पर पूरी दुनिया की नजरें लगी हुई हैं।
पीएम मोदी का स्वागत करते दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति रामाफोसा।
जोहानिसबर्ग में पीएम का हुआ भव्य स्वागत
शुक्रवार को जोहानिसबर्ग पहुंचे पीएम मोदी की प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर विश्व नेताओं के साथ चर्चा हो सकती है। हवाई अड्डे पर दक्षिण अफ्रीका के मंत्री खुम्बुद्जो एनत्शावेनी ने मोदी की अगवानी की। एक सांस्कृतिक दल ने उनके स्वागत में पारंपरिक नृत्य और गीत प्रस्तुत किए। प्रधानमंत्री ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, 'जी-20 शिखर सम्मेलन से जुड़े कार्यक्रमों के लिए जोहानिसबर्ग पहुंच गया हूं। प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर विश्व नेताओं के साथ उपयोगी चर्चा की आशा करता हूं। हमारा ध्यान सहयोग को मजबूत करने, विकास प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने और सभी के लिए बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने पर होगा।' यह अफ्रीका में आयोजित होने वाला पहला जी20 शिखर सम्मेलन है और 2023 में भारत की अध्यक्षता के दौरान अफ्रीकी संघ जी20 का सदस्य बना था।
द्विपक्षीय बैठकें कर सकते हैं पीएम
शिखर सम्मेलन से इतर मोदी के जोहानिसबर्ग में कुछ नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करने की संभावना है। वह भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के त्रिपक्षीय समूह ‘आईबीएसए’ के छठे शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे। मोदी ने दिल्ली से जोहानिसबर्ग रवाना होने से पहले कहा कि वह शिखर सम्मेलन में ‘वसुधैव कुटुंबकम’ और ‘एक पृथ्वी, एक परिवार और एक भविष्य’ के हमारे दृष्टिकोण के अनुरूप भारत का रुख पेश करेंगे। उन्होंने कहा कि इस साल के जी-20 शिखर सम्मेलन का विषय ‘एकजुटता, समानता और स्थिरता’ है, जिसके जरिए दक्षिण अफ्रीका ने नयी दिल्ली और रियो डी जेनेरियो (ब्राजील) में आयोजित पिछले शिखर सम्मेलनों के परिणामों को आगे बढ़ाया है।
ट्रंप, जिनपिंग नहीं आए
मोदी ने कहा, “मैं शिखर सम्मेलन से इतर साझेदार देशों के नेताओं के साथ होने वाली अपनी बातचीत और इस दौरान आयोजित होने वाले छठे आईबीएसए शिखर सम्मेलन में अपनी भागीदारी को लेकर उत्सुक हूं।” प्रधानमंत्री के जी-20 शिखर सम्मेलन के तीनों सत्रों को संबोधित करने की उम्मीद है। शिखर सम्मेलन के पहले सत्र का विषय “समावेशी और सतत आर्थिक विकास, जिसमें कोई पीछे न छूटे : हमारी अर्थव्यवस्थाओं का निर्माण, व्यापार की भूमिका, विकास के लिए वित्तपोषण और ऋण का बोझ” है। वहीं, दो अन्य सत्र का विषय “एक लचीली दुनिया-जी20 का योगदान : आपदा जोखिम न्यूनीकरण, जलवायु परिवर्तन, न्यायसंगत ऊर्जा परिवर्तन, खाद्य प्रणालियां”; और “सभी के लिए एक निष्पक्ष और न्यायसंगत भविष्य : महत्वपूर्ण खनिज, सभ्य कार्य, कृत्रिम बुद्धिमत्ता” रखा गया है। यह ‘ग्लोबल साउथ’ के किसी देश में आयोजित होने वाला लगातार चौथा शिखर सम्मेलन होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के उनके समकक्ष शी चिनफिंग इस साल जी20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा नहीं ले रहे हैं।
