पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के चर्चित बगराम एयरबेस को निशाना बनाकर बड़ा हमला करने का दावा किया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार यह कार्रवाई अफगान तालिबान के खिलाफ चल रहे पाकिस्तान के सैन्य अभियान का हिस्सा है। पाकिस्तान ने 26 फरवरी की रात ‘ऑपरेशन ग़ज़ब लिल हक़’ (Righteous Fury) शुरू किया था। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान की जमीन से उसके खिलाफ आतंकवादी हमले हो रहे हैं और तालिबान सरकार उन्हें रोकने में नाकाम रही है।
सांकेतिक तस्वीर।
गौरतलब है कि बगराम हवाई अड्डे का निर्माण सोवियत संघ द्वारा 1950 के दशक में किया गया था। बगराम हवाई अड्डा पूर्व में अफगानिस्तान में सबसे बड़ा अमेरिकी सैन्य अड्डा था।
पाकिस्तान के सरकारी टीवी चैनल PTV ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि पाकिस्तान ने बगराम एयरबेस पर “बड़ा हमला” किया है और यह अफगान तालिबान की कथित आक्रामकता का जवाब है। रिपोर्ट के मुताबिक हमले में बाग्राम एयरबेस का एक विमान हैंगर और दो गोदाम नष्ट हो गए। उपग्रह तस्वीरों में भी इस नुकसान के संकेत मिलने का दावा किया गया है।
अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने भी कथित तौर पर पाकिस्तान की एयरस्ट्राइक की पुष्टि की है। रिपोर्टों के अनुसार पिछले एक सप्ताह में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के सैन्य ठिकानों पर 50 से अधिक हवाई हमले किए हैं।
सीमा पर भी सैन्य कार्रवाई
सूत्रों के मुताबिक 3 और 4 मार्च की रात पाकिस्तान की सुरक्षा बलों ने बलूचिस्तान सीमा के पास अफगान तालिबान के ठिकानों पर भी लक्षित हमले किए। इन हमलों में आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया गया।
बताया जा रहा है कि ऑपरेशन में एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल, रॉकेट लॉन्चर, लंबी दूरी के मोर्टार, हल्की और भारी तोपें तथा मुख्य युद्धक टैंक शामिल थे। इसके अलावा पाकिस्तान ने स्वार्म ड्रोन तकनीक का भी इस्तेमाल किया, जो जमीनी सैनिकों के साथ तालमेल बनाकर खास लक्ष्यों को निशाना बना रहे हैं। हालांकि इस घटनाक्रम से क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
एक अज्ञात रक्षा विशेषज्ञ के हवाले से बताया गया है कि बगराम वायुसेना अड्डे को निशाना बनाकर पाकिस्तान ने अफगान तालिबान शासन को स्पष्ट संदेश दिया है कि वह अफगानिस्तान में कहीं भी कार्रवाई कर सकता है। पाकिस्तान का दावा है कि बार-बार चेतावनी के बावजूद,अफगानिस्तान से आतंकवाद जारी है,जिसमें अमेरिका द्वारा छोड़े गए हथियारों का भी इस्तेमाल किया गया है।
