Pakistan News: पड़ोसी देश पाकिस्तान कभी भी दिवालिया हो सकता है। कर्ज के बोझ से वह कराह रहा है। महंगाई की मार वहां की जनता तो झेल ही रही थी अब आटा, गेहूं लोगों को नसीब नहीं हो रहा है। बाहर से उसे फैसा मिलना बंद हो गया है। सरकार के पास अपने विभागों को चलाने के लिए पैसा नहीं बचा है। रक्षा बजट को छोड़कर अन्य विभागों के खर्चे में कटौती की जा रही है। विश्व बैंक ने कर्ज देने से हाथ खड़ा कर दिया है। अन्य अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाएं उसे कर्ज नहीं दे रही हैं। पाकिस्तान के पास कठिन शर्तों पर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से ही कर्ज लेने का रास्ता बचा है। यानि कि पाकिस्तान की मदद के लिए जितने भी रास्ते थे वे करीब-करीब बंद हो चुके हैं।
दुर्दिन में पाकिस्तान को हर तरफ से पड़ रही 'मार', करीबी दोस्तों ने भी मुंह फेरा
- Authored by: संजीव कुमार दुबे
- Updated Jan 23, 2023, 03:47 PM IST
Pakistan News: सवाल यह है कि भारत से बातचीत शुरू करने के लिए पाकिस्तान में इतनी छटपटाहट क्यों है। वह भारत से बातचीत करने के लिए क्यों उतावला है। इसकी एक प्रमुख और ठोस वजह है। पाकिस्तान में भूख, महंगाई, कर्ज की समस्या तो है ही, उसके करीबी देश चीन, सऊदी अरब एवं खाड़ी के देश उसकी मदद के लिए सामने नहीं आ रहे हैं।
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