SCO Meeting: पाकिस्तान ने बृहस्पतिवार को कहा कि शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के राष्ट्रीय समन्वयकों की तीन दिवसीय बैठक में हिस्सा लेने के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल का इस्लामाबाद आना एक 'स्वागत योग्य कदम’ है। आलोक डिमरी के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने बैठक में हिस्सा लिया, जो बुधवार को संपन्न हुई। पिछले साल चार दिन के सैन्य टकराव के बाद किसी भारतीय प्रतिनिधिमंडल की यह पहली इस्लामाबाद यात्रा थी। एससीओ के सदस्य देशों में रूस, भारत, ईरान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, बेलारूस और चीन शामिल हैं।
पाकिस्तान में हुई एससीओ के राष्ट्रीय समन्वयकों की बैठक। तस्वीर-@ForeignOfficePk
विदेश कार्यालय के प्रवक्ता का बयान
विदेश कार्यालय के प्रवक्ता सज्जाद हैदर खान से साप्ताहिक संवाददाता सम्मेलन में भारतीय अधिकारी की यात्रा के बारे में पूछा गया। खान ने कहा, 'वास्तव में, शायद दो साल से अधिक समय के अंतराल के बाद भारत का कोई वरिष्ठ अधिकारी पाकिस्तान आया। उन्होंने (भारतीय अधिकारी ने) पाकिस्तान में सियालकोट और फैसलाबाद जैसे कुछ अन्य स्थानों तथा लाहौर जाने की भी इच्छा जताई। जहां तक मुझे याद है, उन्होंने लाहौर को अगले एक वर्ष के लिए एससीओ की सांस्कृतिक राजधानी बताया।’
यह एक स्वागत योग्य कदम है-खान
उन्होंने कहा, 'यहां उनकी मौजूदगी शांति, विकास, संपर्क, व्यापार और पारगमन को लेकर पूरे क्षेत्र के समान विचारों और उद्देश्यों को दर्शाती है। उन्होंने अपने साक्षात्कार में भी इसका उल्लेख किया। इसलिए यह एक स्वागत योग्य कदम है।’
2024 में जयशंकर भी पाकिस्तान गए थे
इससे पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर अक्टूबर 2024 में SCO शिखर सम्मेलन में शामिल होने पाकिस्तान गए थे। वे करीब 9 साल बाद पाकिस्तान जाने वाले पहले भारतीय विदेश मंत्री थे। इससे पहले वर्ष 2016 में तत्कालीन गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान के इस्लामाबाद में आयोजित 7वीं सार्क गृह/आंतरिक मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लिया था। दिसंबर 2015 में तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज पाकिस्तान गई थीं। पाकिस्तान ने अगस्त 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को SCO शिखर सम्मेलन के लिए न्योता भेजा था, लेकिन भारत की ओर से जयशंकर इसमें शामिल हुए थे।
