Pakistan NSC Meeting: ईरान के तीन परमाणु स्थलों पर अमेरिकी की बमबारी के बाद पाकिस्तान भी सतर्क हो गया है। कुछ दिन पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ लंच करके लौटे पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर को भी अपने देश की चिंता सताने लगी है। ईरान की तीन परमाणु सुविधाओं पर अमेरिकी हवाई हमलों के बाद क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा करने के लिए पाकिस्तान सरकार ने सोमवार को अपने शीर्ष सुरक्षा निकाय की एक आपातकालीन बैठक बुलाई है।
आसिम मुनीर की बढ़ेंगी मुश्किलें
एनएससी की बुलाई बैठक
राष्ट्रीय सुरक्षा समिति (NSC) देश में सुरक्षा विचार-विमर्श के लिए सर्वोच्च मंच है, और इसकी बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते हैं। सेना प्रमुख आसिम मुनीर सहित देश के शीर्ष नागरिक और सैन्य नेतृत्व समिति का हिस्सा हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय के सूत्रों ने डॉन अखबार को बताया कि एनएससी की बैठक सोमवार शाम को होगी। मुनीर हाल ही में अमेरिका की यात्रा से लौटे हैं, समिति को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपनी बैठक के विवरण के बारे में जानकारी देंगे।
ईरान के तीन परमाणु स्थलों पर हमला
ईरान के तीन परमाणु स्थलों - फोर्डो, इस्फहान और नतांज पर अमेरिकी हमले पाकिस्तान द्वारा ट्रंप को 2026 के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए अनुशंसित करने की घोषणा के एक दिन बाद हुए। पाकिस्तान ने ईरान में अमेरिकी हमलों की निंदा की है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के साथ फोन पर बातचीत में ईरान के लोगों और सरकार के साथ पाकिस्तान की अटूट एकजुटता की पुष्टि की और जानमाल के नुकसान पर संवेदना व्यक्त की।
पाकिस्तान का भ्रम दूर हुआ
हालांकि, पाकिस्तान खुलकर अमेरिका के खिलाफ कुछ नहीं बोल पा रहा है। आसिम मुनीर ने हाल ही में ट्रंप के साथ लंच किया था और पाकिस्तानी मीडिया ने इसे लेकर दुनिया भर में ढिंढोरा पीटा कि पाकिस्तान पर अमेरिका का भरोसा बढ़ने लगा है। लेकिन अगले ही दिन ट्रंप ने ईरानी न्यूक्लियर साइट्स पर भयंकर बमबारी करवाकर साबित किया कि ये सिर्फ पाकिस्तान का भ्रम था। ईरान-इजरायल युद्ध के हालात और मौजूदा ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स के मद्देनजर ट्रंप ने पाकिस्तानी आर्मी चीफ को आमंत्रित किया था। अब ईरान पर अमेरिका के बड़े हमले के बाद पाकिस्तान के लिए मुश्किलें पैदा हो गई हैं कि वह किस तरफ साफ रुख दिखाए, खास तौर पर आसिम मुनीर के लिए हालात विकट हो गए हैं।
