President Muizzu News: मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू को अपने ही सांसद में भारी विरोध का सामना करना पड़ा है। खास बात यह है कि संसद में उन्होंने अपना पहला राष्ट्रपति भाषण दिया लेकिन उनकी इस स्पीच सुनने के लिए विपक्ष के सांसद मौजूद नहीं रहे, उन्होंने इसका बॉयकाट किया। विपक्ष ने मुइज्जू सरकार पर 'अलोकतांत्रित तरीके से काम करने' का आरोप लगाया है।
मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मोइज्जू।
कुल 56 सांसदों ने सत्र का बहिष्कार किया
मालदीव की विपक्षी पार्टियों मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी (MDP) और द डेमोक्रैट्स ने इस विशेष सत्र का बहिष्कार करने का फैसला किया। इन दोनों पार्टियों का कहना है कि मुइज्जू सरकार 'अलोकतांत्रिक तरीके से काम कर रही है।' इस सत्र की शुरुआत का कुल 56 सांसदों ने बहिष्कार किया। इस में एमडीपी के 44 सांसद शामिल थे। रिपोर्टों के मुताबिक सुबह नौ बजे सदन की बैठक जब शुरू हुई तो संसद में केवल 24 सांसद उपस्थित थे।
स्पीकर, डिप्टी स्पाकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव
इस सत्र की अध्यक्षता एमडीपी के सांसद स्पीकर मोहम्मद असलम ने की। असलम के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश हुआ है, इसका जिक्र करते हुए सत्ता पक्ष के सांसदों ने उन्हें कार्यवाही से खुद को अलग करने की मांग की। यही नहीं सरकारी सांसदों ने डिप्टी स्पीकर अहमद सलीम के खिलाफ भी अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। सलीम भी एमडीपी के सांसद हैं। संसद सत्र की इस शुरुआत में मालदीव की पहली महिला साजिदा महोम्मद भी शामिल हुईं।
सैन्यकर्मियों को हटाने का पहला चरण 10 मार्च तक होगा पूरा
इसके पहले मालदीव के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि भारत इस द्वीपीय देश में तीन विमानन प्लेटफॉर्म में अपने सैन्यकर्मियों को बदलेगा और इस प्रक्रिया का पहला चरण 10 मार्च तक पूरा किया जाएगा। मालदीव के विदेश मंत्रालय का यह बयान इस विवादास्पद मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच एक उच्च-स्तरीय बैठक के कुछ घंटे बाद आया। दोनों देशों के कोर समूह की बैठक दिल्ली में संपन्न हुई, जिसमें मुख्य रूप से मालदीव से भारतीय सैन्यकर्मियों को वापस बुलाने के विषय पर चर्चा हुई।
