इस्लामिक देशों के संगठन OIC का 'आतंक प्रेम', कश्मीर को 'अवैध इलाका' बताकर उगला जहर

  • Agency by: Agency
  • Updated Oct 28, 2022, 08:24 AM IST

OIC News: इस्लामिक देशों के संगठन OIC ने जम्मू कश्मीर को लेकर एक बार फिर जहर उगला है। इस संगठन ने जम्मू कश्मीर में आर्टिकल 370 की बहाली की मांग करते हुए आरोप लगाया है कि भारत सरकार राज्य की जनसांख्यिकी स्थिति को बदलने की पूरी कोशिश कर रही है।

KEY HIGHLIGHTS
  • इस्लामिक देशों के संगठन OIC ने भारत के खिलाफ फिर उगला जहर, कश्मीर को बताया अवैध इलाका
  • संगठन ने जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 को हटाने के फैसले को वापस लेने का किया अनुरोध
  • जम्मू-कश्मीर पर OIC का 'अवैध राग', रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का करारा प्रहार

New Delhi: इस्लामिक देशों के संगठन ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (Organisation of Islamic Cooperation) ने एक बार फिर भारत (India) के खिलाफ जहर उगला है। OIC ने अपने बयान में जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) को भारत का अवैध क्षेत्र तक बता दिया। OIC ने पाकिस्तान की भाषा बोलते हुए कहा है कि 27 अक्टूबर 2022 को जम्मू और कश्मीर पर भारत के कब्जे के 75 साल पूरे हो गए हैं। इस्लामिक देशों (Islamic Countries) के इस संगठन ने कहा कि वो जम्मू और कश्मीर के लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार का समर्थन करता है।

OIC

इस्लामिक देशों के संगठन का 'आतंक प्रेम', कश्मीर पर ना'पाक' नजर डालते हुए OIC ने उगला जहर

पाकिस्तान की भाषा

OIC ने कश्मीर से धारा 370 के खात्मे को भारत की एकतरफा कार्रवाई बताया। इस्लामिक संगठन ने अंतराष्ट्रीय समुदाय से यूएन सिक्योरिटी काउंसिल के प्रस्तावों के अनुसार कश्मीर मुद्दे को सुलझाने के लिए कोशिशें तेज करने की मांग की है। इस्लामिक देशों का संगठन भले ही कश्मीर पर पाकिस्तान वाला राग अलाप रहा हो मगर भारत का रुख साफ है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने फिर दोहराया है कि जल्द ही POK को भी भारत में शामिल कर लिया जाएगा। मतलब OIC को करारा जवाब फौरन दे दिया गया है।

इन मुद्दों पर चुप्पी

ओआईसी ने पाकिस्तान की भाषा बोलते हुए आरोप लगाया है कि जम्मू और कश्मीर पर भारत का अवैध कब्जा है। उसने कश्मीरी लोगों के मानवाधिकारों पर भी ज्ञान दिया है। वहीं, इस्लामी देशों का मसीहा चीन और ईरान में विरोध प्रदर्शनों पर चुप्पी साधे हुए है। सीरिया, ईराक, अफगानिस्तान और पाकिस्तान में अल्पसंख्यक मुस्लिमों पर यह संगठन चुप्पी साधे रहता है। इतना ही नहीं, ईरान में हिजाब के खिलाफ प्रदर्शनकारियों पर हिंसात्मक कार्रवाई पर भी ओआईसी मुंह सिले हुए बैठा है।

End of Feed