Nimisha Priya Case: ग्लोबल पीस इनिशिएटिव के संस्थापक और प्रचारक डॉ. के.ए. पॉल ने मंगलवार रात (स्थानीय समयानुसार) यमन के सना से एक वीडियो संदेश में दावा किया कि यमनी और भारतीय नेताओं के कई दिनों और रातों की अथक कोशिशों के बाद भारतीय नर्स निमिषा प्रिया की मौत की सजा रद्द कर दी गई है। डॉ. केए पॉल ने अपने वीडियो संदेश में यमनी नेताओं को उनके मजबूत और प्रार्थनापूर्ण कोशिशों के लिए धन्यवाद दिया। डॉ. पॉल ने कहा, मैं निमिषा प्रिया की मौत की सजा रद्द करने की इस बड़ी सफलता में शामिल सभी नेताओं को धन्यवाद देना चाहता हूं। ईश्वर की कृपा से, उसे रिहा कर दिया जाएगा और भारत ले जाया जाएगा। मैं प्रधानमंत्री मोदी जी को अपने राजनयिकों को भेजने और निमिषा को पेशेवर रूप से सुरक्षित रूप से ले जाने की तैयारी करने के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं।
प्रचारक केए पॉल का दावा, निमिषा प्रिया होगी रिहा (ANI)
सुरक्षित वापसी के दिया सुझाव
एएनआई की खबर के मुताबिक, उन्होंने यह भी कहा कि वे सना जेल से ओमान, जेद्दा, मिस्र, ईरान या तुर्की में उसकी सुरक्षित वापसी के लिए भारत सरकार के साथ मिलकर रसद व्यवस्था कर सकते हैं। पिछले हफ्ते अपनी साप्ताहिक प्रेस वार्ता के दौरान, विदेश मंत्रालय (MEA) ने निमिषा प्रिया की सहायता के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों का विवरण दिया था। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि विदेश मंत्रालय ने यमन में जटिल कानूनी प्रक्रिया से निपटने में प्रिया के परिवार की सहायता के लिए एक वकील नियुक्त किया है। इसमें शरिया कानून के तहत क्षमादान या माफी के विकल्प तलाशना भी शामिल है।
भारत सरकार दे रही हर संभव मदद
जायसवाल ने कहा था, यह एक बेहद संवेदनशील मामला है और भारत सरकार इस मामले में हर संभव सहायता प्रदान कर रही है। हमने कानूनी सहायता प्रदान की है और परिवार की मदद के लिए एक वकील भी नियुक्त किया है। हमने उनके परिवार के लिए नियमित रूप से कांसुलर मुलाकातों की भी व्यवस्था की है और हम इस मुद्दे को सुलझाने के लिए स्थानीय अधिकारियों और परिवार के सदस्यों के संपर्क में भी हैं। इसमें हाल के दिनों में निमिषा प्रिया के परिवार को दूसरे पक्ष के साथ आपसी सहमति से समाधान निकालने के लिए और समय देने के लिए किए गए ठोस प्रयास शामिल हैं। यमन के स्थानीय अधिकारियों ने 16 जुलाई को निर्धारित उनकी सजाकी तामील को स्थगित कर दिया है।
भारत सरकार ने प्रिया की सलामती सुनिश्चित करने और इस चुनौतीपूर्ण समय में उन्हें जरूरी मदद प्रदान करने के लिए नियमित कांसुलर मुलाकातों की व्यवस्था की है। विदेश मंत्रालय की यह टिप्पणी मंगलवार को ग्रैंड मुफ्ती शेख अबू बक्र अहमद कंथापुरम द्वारा यह कहे जाने के बाद आई है कि उन्होंने यमन में विद्वानों से बात करके उनसे 37 वर्षीय निमिषा प्रिया की रिहाई का आग्रह किया है। ग्रैंड मुफ्ती का दावा है कि उनकी बातचीत के बाद फांसी स्थगित होने की खबर भी आई, जिससे आधिकारिक कूटनीतिक प्रयासों के साथ-साथ धार्मिक पहुंच के संभावित प्रभाव का संकेत मिलता है।
16 जुलाई को दी जानी थी फांसी
केरल की 37 वर्षीय नर्स निमिषा को यमन की एक ट्रायल कोर्ट द्वारा एक यमनी नागरिक की हत्या का दोषी ठहराए जाने के बाद 16 जुलाई को फांसी दी जानी थी। इस फैसले को देश की सर्वोच्च न्यायिक परिषद ने नवंबर 2023 में बरकरार रखा था। लेकिन ग्रैंड मुफ्ती और सरकार के प्रयासों के बाद इसे स्थगति कर दिया गया और निमिषा की रिहाई की कोशिशें जारी हैं। (ANI)
