इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मंगलवार (स्थानीय समय) को साफ कहा है कि जब तक हमास पूरी तरह हथियार नहीं डाल देता, तब तक इजराइली सेना गाजा में अपनी सीमाओं से पीछे नहीं हटेगी। नेतन्याहू के इस कड़े रुख ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हाल ही में घोषित शांति समझौते की योजना पर पानी फेर दिया है।
2023 में इजरायली हमले में मारे गए लोगों का सामूहिक अंतिम संस्कार
नेतन्याहू के इस बयान से हमास के निहत्थे होने और युद्ध समाप्त होने की संभावनाओं पर गहरे संशय के बादल मंडरा गए हैं। साथ ही, इसे ट्रंप प्रशासन और इजरायल के बीच एक दुर्लभ सार्वजनिक मतभेद के रूप में भी देखा जा रहा है।
ट्रंप के प्रस्ताव पर जताई असहमति
नेतन्याहू ने कहा कि अमेरिका की ओर से भेजे गए मसौदे से इजराइल सहमत नहीं है। उन्होंने कहा कि "ट्रंप प्रशासन ने हमें एक ड्राफ्ट भेजा था। हम उससे सहमत नहीं हैं, वह हमारा ड्राफ्ट नहीं है। हमने अपने सुझाव भेज दिए हैं और यही हमारा अंतिम रुख है।"
'देश की सुरक्षा से समझौता नहीं'
प्रधानमंत्री ने कहा कि इजराइली सेना अपने नागरिकों, सीमा और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए जरूरी हर कदम उठाती रहेगी। उनके अनुसार, जब तक हमास से खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं होता, तब तक सैन्य अभियान जारी रहेगा।
समझौते पर बढ़ी अनिश्चितता
रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित समझौते में कहा गया था कि हमास अपने हथियार सौंपना शुरू करेगा, जिसके बदले इजरायल अपने हमले रोक देगा और गाजा के करीब 60% हिस्से से अपनी सेना को हटाना शुरू करेगा। हालांकि नेतन्याहू के बयान के बाद इस समझौते के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं।
2023 के हमले में मारे गए लोगों का सामूहिक अंतिम संस्कार
दूसरी तरफ, गाज़ा सिटी के सबरा (Sabra) इलाके में 22 नवंबर 2023 को हुए एक बड़े इजरायली हवाई हमले में मारे गए 112 और शव मलबे से बरामद किए गए हैं, जिनका मंगलवार को सामूहिक अंतिम संस्कार किया गया। इस हमले में एक रिहायशी इलाका पूरी तरह तबाह हो गया था। नागरिक सुरक्षा एजेंसी के अनुसार, मलबे से निकाले गए 112 अवशेषों में 40 बच्चों के शव भी शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस भीषण हमले में 300 से अधिक लोग मारे गए थे, जिनमें से 157 पीड़ितों के शव अब भी लापता हैं और उनका कोई सुराग नहीं मिल सका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई परिवार अब भी अपने परिजनों के अवशेष मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
