कैलाश मानसरोवर: नेपाल की बड़ी योजना, एक अरब हिंदू तीर्थयात्रियों को देगा यात्रा सुविधा

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  • Updated Oct 5, 2023, 05:16 PM IST

नेपाली विदेश मंत्री ने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा करने वाले श्रद्धुलाओं के लिए सिर्फ तीन प्रवेश बिंदुओं के बजाये चीन ने नेपाल और चीन के बीच 14 प्रवेश बिंदुओं का प्रस्ताव दिया है।

Kailash Mansarovar: तिब्बत स्थित कैलाश मानसरोवर तक पहुंचने के लिए हिंदू तीर्थ यात्रियों को सबसे छोटा मार्ग मुहैया कराने के मकसद से नेपाल ने एक अरब हिंदू तीर्थयात्रियों को इस पवित्र स्थान की यात्रा में मदद करने की योजना बनाई है, जो चीन के साथ एक समझौते के अमल में आने के बाद हकीकत बन सकेगा। नेपाल के विदेश मंत्री नरायण प्रकाश सउद ने गुरुवार को यह जानकारी दी। तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के न्गारी में स्थित कैलाश मानसरोवर तीर्थ यात्रा को दुनियाभर के हिंदुओं द्वारा सबसे पवित्र यात्रा के रूप में माना जाता है। तिब्बत में मौजूद इन दो प्राकृतिक पवित्र स्थानों में बौद्ध, जैन और तिब्बत के स्थानीय बोनपा श्रद्धालु भी काफी विश्वास रखते हैं।

kailash parvat

कैलाश मानसरोवर

नेपाल के रास्ते कैलाश मानसरोवर यात्रा करते हैं हिंदू

सउद की यह महत्वकांक्षी योजना अपने आप में बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि दुनियाभर से भारी संख्या में हिंदू नेपाल के रास्ते कैलाश मानसरोवर यात्रा करना पसंद करते हैं। इतना ही नहीं वे भारतीय, जो समय बचाना चाहते हैं और भारतीय क्षेत्र में आने वाली कठिन चढ़ाई से बचना चाहते हैं वे भी निजी संचालकों के माध्यम से नेपाल के रास्ते कैलाश मानसरोवर जाने का विकल्प चुनते हैं। इस वजह से यह यात्रा नेपाल सरकार के लिए एक फायदे का सौदा साबित होती है। कोरोनावायरस महामारी की वजह से लगे लॉकडाउन के हटने के बाद चीन ने इस साल कैलाश मानसरोवर तीर्थ यात्रा को खोल दिया था। हालांकि शुल्क में भारी वृद्धि और विशेष तौर पर भारतीय श्रद्धालुओं के वीजा पर कई प्रतिबंधों की वजह से यात्रा में उम्मीद के मुताबिक लोग नहीं पहुंचे थे।

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