Nepal Election: नेपाल में संसद भंग करने के फैसले पर मचा सियासी तूफान, राजनीतिक दलों और वकीलों का राष्ट्रपति पर निशाना

नेपाल में संसद भंग करने का फैसला अब सिर्फ एक राजनीतिक घटनाक्रम नहीं रह गया है, बल्कि यह एक संवैधानिक बहस और लोकतांत्रिक भविष्य का सवाल बन चुका है। इस फैसले के खिलाफ नेपाली कांग्रेस, सीपीएन-यूएमएल, सीपीएन (माओवादी केंद्र) जैसे सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के साथ-साथ नेपाल बार एसोसिएशन जैसे शीर्ष कानूनी निकायों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

नेपाल में हाल ही में राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल द्वारा प्रतिनिधि सभा को भंग करने और नए चुनाव की घोषणा करने के फैसले ने देश की राजनीति में एक नया भूचाल ला दिया है। इस फैसले के खिलाफ नेपाली कांग्रेस, सीपीएन-यूएमएल, सीपीएन (माओवादी केंद्र) जैसे सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के साथ-साथ नेपाल बार एसोसिएशन जैसे शीर्ष कानूनी निकायों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। आलोचकों ने इसे न सिर्फ “असंवैधानिक और मनमाना”, बल्कि नेपाल के लोकतंत्र पर एक गंभीर प्रहार करार दिया है।

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राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल और प्रधानमंत्री सुशीला कार्की (फोटो- AP)

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