नेपाल में भीषण बाढ़ से अब तक 939 की मौत; 3925 लोग अब भी लापता, जानें कहां तक पहुंचा राहत अभियान

Nepal Flood Death Toll Update: नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों में विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं पर काम करने वाले 639 श्रमिकों और कर्मचारियों का अब तक पता नहीं चल पाया है। बचाव दलों को आशंका है कि इनमें से कई लोग सुरंगों के भीतर फंसे हो सकते हैं। एक स्थान पर बंद सुरंग तक पहुंचने में बचाव दल को परेशानी हुई, जिसके बाद रास्ता खोलने के लिए नियंत्रित विस्फोट किया गया। राहत अभियान में भारत और चीन की विशेषज्ञ टीमें भी नेपाली अधिकारियों की मदद कर रही हैं।

Nepal Flood Death Toll Update: नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। सोमवार तक आपदा में 939 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3,925 लोग अब भी लापता हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। अधिकारियों के मुताबिक, अब तक 10,451 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। हालांकि, लगातार हो रही बारिश, उफनती नदियों और क्षतिग्रस्त सड़कों व पुलों के कारण बचाव दलों को कई इलाकों तक पहुंचने में मुश्किलें आ रही हैं।

नेपाल में राहत बचाव अभियान जारी।

नेपाल में राहत बचाव अभियान जारी।

26 अगस्त को आई बाढ़ ने मचाई तबाही

नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के टूटने के बाद 26 अगस्त को आई बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कई कस्बों और गांवों को अपनी चपेट में ले लिया। हिमालयी सीमा क्षेत्र से दक्षिण की ओर बहने वाली भोटेकोशी नदी में पानी बढ़ने के बाद घर, वाहन, सड़कें और पुल बह गए। कई जलविद्युत परियोजनाओं को भी भारी नुकसान पहुंचा है। इस आपदा का असर चीन के सीमावर्ती इलाकों में भी पड़ा है। चीनी क्षेत्र में 16 लोगों की मौत की खबर है, जबकि चीनी मीडिया के अनुसार तिब्बत में करीब 550 लोग अब भी लापता हैं।

सुरंगों में फंसे श्रमिकों की तलाश

नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों में विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं पर काम करने वाले 639 श्रमिकों और कर्मचारियों का अब तक पता नहीं चल पाया है। बचाव दलों को आशंका है कि इनमें से कई लोग सुरंगों के भीतर फंसे हो सकते हैं। एक स्थान पर बंद सुरंग तक पहुंचने में बचाव दल को परेशानी हुई, जिसके बाद रास्ता खोलने के लिए नियंत्रित विस्फोट किया गया। राहत अभियान में भारत और चीन की विशेषज्ञ टीमें भी नेपाली अधिकारियों की मदद कर रही हैं।

नेपाल ने सुरंगों में बचाव अभियान और मृतकों की फोरेंसिक पहचान के लिए अंतरराष्ट्रीय मदद भी मांगी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लोक बहादुर छेत्री ने सोमवार को बताया कि अमेरिका से फ्रीजर, डीएनए जांच किट और लाइडार सहित जरूरी गैर-खाद्य सामग्री और सेवाएं मांगी गई हैं। सिंगापुर से आपदा पीड़ितों की पहचान के लिए आवश्यक सामग्री तथा चीन और सिंगापुर से बेल्ली पुल और अधिक क्षमता वाले ड्रोन मांगे गए हैं।

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