परिवार मान चुका था मृत, 10 दिन बाद मलबे से गूंजी चीख-'मुझे बचाओ!' हुआ चमत्कार

जब बचाव दल की टीम खोजी कुत्तों के साथ मलबे के पास से गुजर रही थी, तभी अचानक जमींदोज हो चुकी कंक्रीट के भीतर से एक धीमी, कांपती हुई धीमी आवाज आई— "मुझे बचाओ...

Nepal Flash Flood: मौत के मुंह में मुस्कुराने और उम्मीद के आगे जिंदगी के घुटने टेकने की कहानियां केवल किताबों में नहीं होतीं। नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन की भयानक तबाही के बीच कुदरत के एक ऐसे ही अनोखे चमत्कार ने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। जिस महिला को उसका पूरा परिवार और गांव वाले 10 दिन पहले मृत मान चुके थे, वह कंक्रीट के मलबे और कीचड़ की मोटी परतों के नीचे 240 घंटे तक बिना अन्न-जल के जिंदा दफन रही। जब बचाव दल की टीम खोजी कुत्तों के साथ मलबे के पास से गुजर रही थी, तभी अचानक जमींदोज हो चुकी कंक्रीट के भीतर से एक धीमी, कांपती हुई धीमी आवाज आई— "मुझे बचाओ...

Nepal flood woman

नेपाल बाढ़ में जिजिविषा की कहानी (AI Image)

विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई

नेपाल में हाल ही में आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई थी। नदियां उफान पर थीं और पहाड़ धंस रहे थे। इस आपदा के दौरान कई मकान ढह गए और देखते ही देखते सैकड़ों लोग मलबे में समा गए। उन्हीं में से एक थी यह बदकिस्मत महिला। जिस समय भूस्खलन हुआ, वह अपने घर के भीतर ही फंस गई। मलबे का वजन इतना भारी था कि पूरा ढांचा ढह गया। शुरुआती कुछ दिनों की खोजबीन के बाद जब कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों ने भारी मन से मान लिया कि वह अब इस दुनिया में नहीं रही। रोते-बिलखते परिवार ने अपने स्तर पर उसके अंतिम संस्कार की रस्में तक मन में ही पूरी मान ली थीं।

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