नेपाल में पांच दिवसीय 'तिहार' त्योहार के तहत लोगों ने धन और समृद्धि की देवी लक्ष्मी की पूजा की, अपने घरों को दीपों से सजाया और पूजा-अर्चना करके दिवाली मनाई।कार्तिक मास के अमावस्या के दिन मनाई जाने वाली लक्ष्मी पूजा के अवसर पर लोगों ने अपने घरों की साफ-सफाई की और उन्हें सजाया, ताकि मां लक्ष्मी का स्वागत किया जा सके।
एक ही दिन हुई लक्ष्मी पूजा और कुकुर तिहार
राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल और प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने 'तिहार' के अवसर पर नेपाली नागरिकों को शुभकामनाएं देते हुए उनके सुख, शांति, समृद्धि और प्रगति की कामना की।
राष्ट्रपति पौडेल ने कहा कि नेपाल का दूसरा सबसे बड़ा त्योहार तिहार विभिन्न जातियों, भाषाओं और संस्कृतियों के लोगों को एक साथ लाने तथा विविधता में एकता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।नेपाल में हिंदू समुदाय के लोगों ने रविवार को 'कुकुर तिहार' भी मनाया। इस त्योहार में कुत्तों की पूजा की जाती है। इस वर्ष कुकुर तिहार और लक्ष्मी पूजा एक ही दिन मनाई गई।
100 से अधिक कुत्तों को सिंदूर, दही और चावल से बना टीका लगाया गया
ललितपुर स्थित पशु पुनर्वास केंद्र 'स्नेहा केयर' में 100 से अधिक कुत्तों को सिंदूर, दही और चावल से बना टीका लगाया गया। उन्हें फूलों की मालाएं पहनाई गईं और विशेष पकवान खिलाए गए। पशु अधिकार कार्यकर्ता स्नेहा श्रेष्ठ ने इस कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी की सांसद तोशिमा कार्की, पशु अधिकार कार्यकर्ताओं, पत्रकारों और विदेशी पर्यटकों ने हिस्सा लिया।
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पूजा की रस्मों के बाद कुत्तों को बिस्कुट, कुकीज, अंडे खिलाए गए
पूजा की रस्मों के बाद कुत्तों को बिस्कुट, कुकीज, अंडे और अन्य खाद्य पदार्थ खिलाए गए।तिहार के दौरान कुत्तों की पूजा की जाती है, क्योंकि पारंपरिक रूप से उन्हें मृत्यु के देवता यमराज का संदेशवाहक माना जाता है।प्रधानमंत्री शाह ने उम्मीद जताई कि यह त्योहार अन्य जीवों के साथ सह-अस्तित्व और सद्भाव को मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि मनुष्यों और जानवरों के बीच का संबंध नेपाली त्योहारों के सबसे सुंदर पहलुओं में से एक है।
