​बृहस्पति के चंद्रमा पर हिंदी में भेजा जाएगा संदेश, बेहद खास है नासा का यह मिशन

  • Written by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 13, 2024, 03:57 PM IST

NASA's Europa Clipper mission : नासा का यूरोपा क्लिपर मिशन बृहस्पति के चंद्रमा यूरोपा की विस्तृत रूप से सर्वे करेगा। वह इस बात का पता लगाएगा कि चंद्रमा की सतह के नीचे क्या ऐसा कोई स्थान है जहां जीवन की संभावना हो सकती है।

NASA's Europa Clipper mission : अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा इस साल के अक्टूबर में बृहस्पति ग्रह के चंद्रमा पर एक नया मिशन भेजने वाला है। यूरोपा क्लिपर नाम का यह खास मिशन हिंदी सहित कई अन्य भाषाओं में एक खास संदेश लेकर जाएगा। इस मिशन के तहत अंतरिक्ष यान के साथ टैंटलम धातु से बनी एक प्लेट भेजी जाएगी जिस पर हिंदी सहित दुनिया भर की 103 भाषाओं में पानी शब्द की ऑडियो तरंगें उकेरी गई हैं। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य सबसे बड़े ग्रह के चांद पर पानी और जीवन की संभावनाएं तलाशना है।

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अंतरिक्ष यान के साथ टैंटलम धातु से बनी एक प्लेट भेजी जाएगी। तस्वीर-नासा

'पानी' के ऑडियो की तरंगें उकेरी गईं

बृहस्पति के चंद्रमा पर जो धातु भेजी जा रही है उसकी लंबाई सात इंच लंबी और 11 इंच चौड़ी है। इसके दोनों तरफ 'पानी' के ऑडियो की तरंगें उकेरी गई हैं। नासा के मुताबिक अलग-अलग भाषाओं में पानी के ऑडियो को तरंगों में बदला गया है और इसे प्लेट पर लगाया गया है। यह प्लेट बृहस्पति ग्रह के चंद्रमा के साथ पृथ्वी के संबंध को एक सम्मान देगा। ऐसा इसलिए क्योंकि 'इस चंद्रमा के बर्फीले आवरण एवं सतह में एक समुद्र होने के बड़े संकेत मिलते हैं और यह पानी पृथ्वी के सभी समुद्रों के पानी से दोगुने से ज्यादा हो सकता है।'

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