Maldives: मालदीव सरकार ने राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू पर महाभियोग चलाने की विपक्ष की योजना के मद्देनजर संसद के स्थायी आदेशों में हुए हालिया संशोधन को लेकर उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। मीडिया में मंगलवार को आईं खबरों में यह जानकारी दी गई है। इन हालिया संशधोन के बाद महाभियोग की प्रक्रिया आसान हो गई है। अटॉर्नी जनरल के कार्यालय ने रविवार को याचिका दायर की थी। बता दें, रविवार को ही सदन में मुइज्जू के मंत्रिमंडल के लिए चार सदस्यों को मंजूरी देने को लेकर मतभेदों के बाद सरकार समर्थक सांसदों और विपक्षी सांसदों के बीच हाथापाई हुई थी।
मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू
विपक्ष ने की थी महाभियोग चलाने की घोषणा
मालदीव की संसद में बहुमत रखने वाले मुख्य विपक्षी दल मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) ने सोमवार को राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के मंत्रिमंडल के तीन सदस्यों की मंजूरी रोक दी थी। इसके तुरंत बाद, एमडीपी ने घोषणा की थी कि उसने राष्ट्रपति मुइज्जू पर महाभियोग चलाने के लिए एक प्रस्ताव प्रस्तुत करने की योजना बनाई है और उसने पहले ही इसके लिए हस्ताक्षर की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि, सोमवार शाम तक तीनों मंत्रियों को फिर से नियुक्त कर दिया गया।
मुइज्जू के प्रशासन में शीर्ष पद संभालने के लिए तीन मंत्रियों को अनुमति देने को लेकर यह पूरा विवाद नवंबर में सात सांसदों के संसद से इस्तीफा देने के बाद शुरू हुआ था।
महाभियोग के लिए विपक्ष को 54 वोटों की आवश्यकता
ऑनलाइन समाचार पोर्टल सन.एमवी ने मंगलवार को बताया, निर्वाचन आयोग ने उपचुनाव न कराने का फैसला किया क्योंकि इस साल संसदीय चुनाव होने हैं। स्थिति का लाभ उठाते हुए, मुख्य विपक्षी एमडीपी ने संसद के स्थायी आदेशों में संशोधन किया ताकि सांसदों की कुल संख्या निर्धारित करते समय खाली सीटों की गणना न की जाए। इसलिए, संसद को फिलहाल राष्ट्रपति मुइज्जू पर महाभियोग चलाने के लिए 58 के बजाय 54 वोटों की आवश्यकता है, क्योंकि स्थायी आदेशों में संशोधन के अनुसार, सांसदों की कुल संख्या अब 87 के बजाय 80 है।
संसद में एमडीपी और डेमोक्रेट्स के 56 सांसद
सन.कॉम की खबर में कहा गया है, एमडीपी और डेमोक्रेट्स के 56 सांसद हैं, इनमें एमडीपी के 43 और डेमोक्रेट के 13 सांसद हैं। इसलिए उनके पास राष्ट्रपति पर महाभियोग चलाने की शक्ति है। अटॉर्नी जनरल अहमद उशाम ने मंगलवार दोपहर सन.कॉम को बताया कि उनके कार्यालय ने रविवार को उच्चतम न्यायालय में मामला पेश किया है लेकिन अदालत ने अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं किया है। मुइज्जू (45) ने पिछले साल सितंबर में राष्ट्रपति चुनाव में भारत से अच्छे संबंध रखने वाले इब्राहिम मोहम्मद सोलिह को हरा दिया था। विपक्षी दलों एमडीपी और डेमोक्रेट्स ने 24 जनवरी को, भारत को दीर्घकालिक सहयोगी बताते हुए मुइज्जू सरकार के भारत विरोधी रुख पर चिंता व्यक्त की थी।
