Spy Satellite North Korea: दक्षिण कोरिया और संयुक्त राष्ट्र संघ की चेतावनियों को दरकिनार कर उत्तर कोरिया ने जासूसी सैटेलाइट को लॉन्च करने के लिए कमर कस ली है। किम-जोंग-उन की तरफ से इसको लेकर आधिकारिक सूचना भी जारी कर दी गई है। संभावना जताई जा रही है कि उत्तर कोरिया इसी महीने के अंत तक सैटेलाइट का परीक्षण कर सकता है। ऐसा तब है जब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी उत्तर कोरिया पर उपग्रह प्रक्षेपण पर प्रतिबंध लगा रखा है।
किम जोंग उन
बता दें, इस सैटेलाइट लॉन्च को लेकर सोमवार को दक्षिण कोरिया ने उत्तर कोरिया को चेतावनी दी थी। दक्षिण कोरियाई सेना की ओर से कहा गया था कि अगर सैटेलाइट लॉन्चिंग होती है तो यह सैन्य कार्रवाई करने से भी पीछे नहीं हटेगा। हालांकि, किम-जोंग-उन ने इस चेतावनी को दरकिनार कर दिया है। इसके बाद उत्तर कोरिया की ओर से जासूसी सैटेलाइट लॉन्च की औपचारिक सूचना जारी कर दी गई है।
क्यों सता रहा दक्षिण कोरिया को डर?
दक्षिण कोरिया को डर है कि सैटेलाइट की लॉन्चिंग कर सियोल एक अंतर-कोरियाई शांति समझौत को निलंबित कर सकता है ताथा प्रक्षेपण के जवाब में फिर से अग्रिम क्षेत्रों में हवाई निगरानी शुरू कर सकता है। दक्षिण कोरिया को यह भी शक है कि इस सैटेलाइट लॉन्च के लिए उत्तर कोरिया को रूस से तकनीकी सहायता मिल रही है। उसने आरोप लगाय है सियोल रूस के युद्ध में समर्थन के लिए पारंपरिक हथियारों की आपूर्ति के बदले अपनी परमाणु और अन्य सैन्य क्षमताओं को बढ़ाने के लिए रूसी तकनीक प्राप्त कर रहा है।
UNSC ने लगाया है प्रतिबंध
बता दें, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने उत्तर कोरिया द्वारा किसी भी उपग्रह प्रक्षेपण पर प्रतिबंध लगा रहा है, क्योंकि वह इसे उसकी मिसाइल प्रौद्योगिकी का परीक्षण मानती है। उधर, दक्षिण कोरियाई सेना के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि उत्तर कोरिया को दक्षिण कोरिया की निगरानी में सुधार के लिए एक जासूसी उपग्रह की जरूरत है। अगर वह सैटेलाइट लॉन्च में सफल हो जाता है तो दक्षिण कोरिया की जासूसी आसानी से कर सकता है। बता दें, उत्तर कोरिया तीसरी बाद इस सैटेलाइट को लॉन्च करने का प्रयास करेगा, पहले दो प्रयासों में लॉन्चिंग असफल रही थी।
