Israel Lebanon Conflict: अमेरिका में हुए युद्धविराम समझौते के लागू होने के कुछ ही दिनों बाद रविवार को इजरायल ने दक्षिणी बेरुत के उपनगरों में स्थित हिजबुल्लाह के मुख्यालय पर हमला कर दिया। स्थानीय निवासियों ने तीन धमाकों की आवाज सुनी।
इजरायल ने बेरूत पर किया हमला
अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी एसोसिएट प्रेस (AP) की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ये हमले आतंकवादी समूह हिजबुल्लाह द्वारा इससे पहले उत्तरी इजरायल की ओर की गई बमबारी के जवाब में किए गए। हालांकि, हिजबुल्लाह ने इन हमलों की तत्काल जिम्मेदारी नहीं ली थी।
इजरायल ने हिजबुल्लाह के ठिकानों पर बरपाया कहर
प्रधानमंत्री नेतन्याहू और रक्षा मंत्री काट्ज के निर्देशों के अनुसार, इजरायली सेना ने इजरायली क्षेत्र की ओर हिजबुल्लाह की गोलीबारी के जवाब में बेरूत के दहियाह इलाके में आतंकवादी मुख्यालयों पर हमला किया है। इजरायली सेना के प्रवक्ता ने भी इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि सेना दहियाह में हिजबुल्लाह आतंकवादी संगठन से जुड़े बुनियादी ढांचे को निशाना बना रही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू से कहा था कि बेरूत पर हमला करना स्वीकार्य नहीं होगा, क्योंकि वह हिजबुल्लाह के सहयोगी देश ईरान के साथ एक शांति समझौता करने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, ट्रंप ने यह भी कहा था कि ईरान के साथ किसी अल्पकालिक समझौते में लेबनान का शामिल होना उनके लिए अनिवार्य नहीं है।
ईरान की संपत्तियों नहीं होंगी अनफ्रीज
वहीं, तेहरान की फ्रीज की गई संपत्तियों को बहाल करने के संबंध में, ट्रंप ने एनबीसी के साथ बातचीत में कहा था, "मैं किसी भी समझौते के तहत पहले से संपत्तियों को अनफ्रीज नहीं करूंगा और न ही प्रतिबंध हटाऊंगा।" जब उनसे पूछा गया कि क्या संपत्तियां बाद में अनफ्रीज की जाएंगी, तो उन्होंने जवाब दिया, "वह बाद में होगा। हां, अगर वे अच्छा व्यवहार करते हैं और सही काम करते हैं, तो हम बातचीत शुरू करेंगे।"
