इजरायल और ईरान के बीच जारी भीषण तनाव के बीच इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा दावा किया है। नेतन्याहू ने आरोप लगाया है कि ईरान ने उनके एक बेटे की हत्या की कोशिश की थी। नेतन्याहू ने सोमवार को इजरायली टीवी चैनल 'चैनल 14' को दिए फोन इंटरव्यू में यह बात कही। नेतन्याहू के अनुसार, उनके बेटे की सुरक्षा के लिए तैनात सुरक्षाकर्मियों के कारण यह कथित हमला सफल नहीं हो सका।
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (फाइल फोटो)
नेतन्याहू ने इंटरव्यू में कहा, "एक अविश्वसनीय घटना घटी - ईरान ने मेरे एक बेटे को निशाना बनाया। ईरान ने मेरे एक बेटे की हत्या करने की कोशिश की।" उन्होंने यह भी दावा किया कि अगर उनके बेटे के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मौजूद नहीं होती, तो हमलावर अपने घातक इरादों में कामयाब हो सकते थे। नेतन्याहू ने पूर्व सेना प्रमुख और युद्ध कैबिनेट के पूर्व सदस्य गादी आइजेनकोट (Gadi Eisenkot) के लिए 24 घंटे सुरक्षा कवर का समर्थन करते हुए कहा कि यह कोई 'विलासिता' (Luxury) नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा, "इसके बिना, ईरानी अपने इरादों में सफल हो सकते हैं।"
नेतन्याहू के किस बेटे को बनाया गया निशाना?
इजरायली प्रधानमंत्री ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि उनके कौन-से बेटे को निशाना बनाया गया। नेतन्याहू के दो बेटे हैं - यायर नेतन्याहू और अवनेर नेतन्याहू। 35 वर्षीय यायर नेतन्याहू के बड़े बेटे हैं और 2024 से लंबे समय तक अमेरिका के मियामी में रहे हैं। उन्हें इजरायली सुरक्षा एजेंसी शिन बेट (Shin Bet) द्वारा कड़ी सुरक्षा दी जाती है। नेतन्याहू के छोटे बेटे अवनेर इजरायल में ही रहते हैं और काफी लो-प्रोफाइल जिंदगी बिताते हैं। नेतन्याहू को अपनी पहली पत्नी मिरियम वेइजमैन से एक बेटी भी है, जिसका नाम नोआ नेतन्याहू-रोथ है। वह यरूशलम में अपने पति डेनियल रोथ और बच्चों के साथ रह रही हैं।
अमेरिका-इजरायल और ईरान संघर्ष को हुए छह महीने
नेतन्याहू ने इस कथित हमले की जगह, समय, तरीके या इसे नाकाम करने की पूरी जानकारी भी साझा नहीं की है। उनके कार्यालय की ओर से भी इस मामले में कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, जब इस संबंध में और जानकारी मांगी गई तो प्रधानमंत्री कार्यालय ने कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी। हालांकि एक इजरायली पत्रकार अमित सेगल के अनुसार, इस कथित साजिश की जानकारी अधिकारियों को कई महीनों से थी, लेकिन इस मामले में जानकारी सार्वजनिक करने पर कानूनी पाबंदी (Gag Order) लगी हुई थी।
नेतन्याहू का यह दावा ऐसे समय में आया जब अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध को करीब छह महीने हो चुके हैं। हालांकि भारी सैन्य संघर्ष में कुछ कमी आई है, लेकिन युद्ध खत्म करने की कूटनीतिक कोशिशें अब तक किसी ठोस समाधान तक नहीं पहुंची हैं।
