India-Maldives Row: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लक्षद्वीप यात्रा के बाद मालदीव और भारत के बीच राजनयिक तनाव बढ़ गया है। ऐसा तब हुआ, जब मालदीव के कुछ मंत्रियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां की। इसके बाद भारत ने मालदीव सरकार के सामने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया। मामला इतना बढ़ गया कि मालदीव सरकार को सफाई देनी पड़ी और उन्होंने अपने मंत्रियों के बयानों से किनारा कर लियाा। इसके साथ ही तीनों मंत्रियों के निलंबन की भी खबरें सामने आईं।
प्रधानमं9ी नरेंद्र मोदी व बेंजामिन नेतन्याहू
अब भारत के करीबी दोस्त इजराइल ने लक्षद्वीप को लेकर बड़ा ऐलान किया है। यह ऐलान मालदीव के साथ राजनयिक विवाद के बीच आया है। इजराइल ने कहा है कि वह इस केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप में कल से समुद्री पानी को साफ करने के प्रोजेक्ट पर काम करना शुरू कर देगा। इजराइल की इस घोषणा को वैश्विक परिदृश्व में बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है।
इजराइल ने लक्षद्वीप की खूबसूरती को सराहा
इजराइली दूतावास ने अपने एक्स हैंडल पर लक्षद्वीप की कुछ तस्वीरें शेयर की हैं। इस पोस्ट में दूतावास ने लिखा है, डिसेलिनेशन प्रोजेक्ट शुरू करने के भारत सरकार के अनुरोध पर हम पिछले साल लक्षद्वीप गए थे। इजराइल कल से ही इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने के लिए तैयार है। ये तस्वीरें उन लोगों के लिए हैं, जो अभी तक लक्षद्वीप की सुंदरता को नहीं देख पाए हैं। दूतावास ने आगे लिखा इस द्वीप के मनमोहक और मनोरम दृश्यों को देखा जा सकता है।
मालदीव के लिए घटी भारतीय पर्यटकों की संख्या
भारत और मालदीव के बीच छिड़े कूटनीतिक विवाद के बीच घरेलू टूर ऑपरेटरों के संगठन आईएटीओ ने सोमवार को कहा कि मालदीव की यात्रा के लिए कोई भी नई पूछताछ नहीं आ रही है। हालांकि पहले से यात्री की बुकिंग करा चुके लोगों ने अपनी यात्रा रद्द नहीं की है लेकिन नई बुकिंग को लेकर आने वाली पूछताछ बहुत कम हो गई है। टूर ऑपरेटर निकाय इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स (आईएटीओ) के अध्यक्ष राजीव मेहरा ने कहा, हमने पूर्व-निर्धारित यात्रा रद्द होते हुए नहीं देखा है क्योंकि लोगों ने यात्रा से संबंधित बुकिंग पर पैसा लगाया है। लेकिन 15-20 दिनों में हमें कुछ असर देखने को मिल सकता है। भारतीय पर्यटकों की ओर से मालदीव के लिए कोई नई पूछताछ नहीं आ रही है। ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की अध्यक्ष ज्योति मयाल ने कहा कि मालदीव के लिए भारत अग्रणी पर्यटन बाजार है। ऐसे में हाल के विवाद के बाद भारतीय अगर मालदीव की यात्रा का बहिष्कार करने लगते हैं तो यह द्वीपीय देश के लिए बड़ी समस्या पैदा कर सकता है।
