Israel Hamas War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि इजरायल और हमास ने शांति योजना के पहले चरण पर सहमति जता दी है। समझौते के तहत लड़ाई को रोकने और कुछ बंधकों व कैदियों की रिहाई की तैयारी की जाएगी। ट्रंप ने कहा कि यह महीनों में सबसे बड़ी सफलता है और शांति की दिशा में एक ठोस कदम है।
गाजा पीस प्लान के पहले फेज पर इजरायल-हमास ने जताई सहमति।(फोटो सोर्स: टाइम्स नाउ डिजिटल)
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, "इसका मतलब है कि सभी बंधक बहुत जल्द रिहा किए जाएंगे और इजरायल अपनी सेना को तय की गई सीमा तक वापस बुलाएगा। यह एक मजबूत और स्थायी शांति की दिशा में पहला कदम है।" उन्होंने यह भी कहा कि इस समझौते में सभी पक्षों के साथ समान व्यवहार किया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक, हमास इस सप्ताह के अंत तक अपने पास मौजूद 20 जीवित बंधकों को रिहा करेगा। वहीं, इजरायल सेना गाजा के ज्यादातर इलाकों से पीछे हटना शुरू करेगी। हालांकि, यह साफ नहीं है कि भविष्य के विवादित मुद्दों पर कोई प्रगति हुई है या नहीं, जैसे कि ट्रंप की मांग के मुताबिक हमास का हथियार छोड़ना या फिर युद्ध के बाद गाजा पर शासन की व्यवस्था।
इजरायल-हमास ने क्या-क्या कहा?
वहीं, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, "ईश्वर की कृपा से हम अपने सभी लोगों को वापस घर लाएंगे।" इस बीच हमास ने अलग से बयान जारी कर कहा कि इस समझौते में इजरायली सेना की वापसी, मानवीय सहायता के प्रवेश की अनुमति और बंधकों व कैदियों के आदान-प्रदान की बात शामिल है।
आतंकी संगठन ने कहा कि समझौते में गाजा से सैनिकों की वापसी, मानवीय सहायता की आपूर्ति और कैदियों के बदले बंधकों की रिहाई शामिल है। हमास ने साथ ही ट्रंप और अन्य मध्यस्थों से अपील की कि वे समझौते को बिना देरी पूरी तरह लागू करवाएं।
मिस्र में तय हुआ समझौता, कतर-अमेरिका की अहम भूमिका
यह समझौता मिस्र के शर्म अल-शेख में कई दिनों की गहन बातचीत के बाद हुआ। इसमें ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, उनके दामाद जारेड कुश्नर, क़तर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी और इजरायली सलाहकार रॉन डर्मर शामिल रहे।
ट्रंप ने जानकारी दी है कि वो जल्द मिडिल ईस्ट का दौरा कर सकते हैं। इजरायल और हमास के बीच 7 अक्टूबर 2023 से संघर्ष चल रहा है। हमास के हमलों में 1,200 इजरायली नागरिक मारे गए और 251 लोग बंधक बनाए गए।
इसके बाद इजरायल की जवाबी कार्रवाई में 67,000 से अधिक फ़िलिस्तीनी मारे गए और गाज़ा का बड़ा हिस्सा खंडहर बन गया।
गौरतलब है कि इससे पहले दो बार युद्धविराम हो चुके हैं। पहला नवंबर 2023 में हुआ था, जब 100 से ज़्यादा बंधकों को छोड़ा गया था। वहीं, दूसरा जनवरी–फरवरी 2024 में हुआ, जिसमें 25 इजरायली बंधकों और आठ शवों के बदले लगभग 2,000 फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा किया गया था।
