IRGC Attacks US Base Bahrain: खाड़ी क्षेत्र (Gulf Region) इस वक्त बारूद के ढेर पर बैठ गया है और सीधे तौर पर सैन्य टकराव शुरू हो चुका है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के तेल टैंकरों पर हुए हमले और उसके बाद अमेरिकी जवाबी कार्रवाई के बाद, ईरान ने अब सीधे अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। ईरान के शक्तिशाली सैन्य संगठन इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने घोषणा की है कि उसने 'ऑपरेशन नसर 2' (Operation Nasr 2) के दूसरे चरण के तहत बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बड़ा हमला किया है।
ईरान के IRGC ने बहरीन में अमेरिकी सैन्य बेस पर किया भीषण मिसाइल और ड्रोन हमला, 'ऑपरेशन नसर 2' जारी (AP)
ईरान ने बहरीन में अमेरिकी सेना के कई गोला-बारूद डिपो, एक प्रमुख सैटेलाइट कम्युनिकेशंस सेंटर और अमेरिकी सैन्य आवास परिसर को मिसाइलों और आत्मघाती ड्रोनों से निशाना बनाकर तबाह करने का दावा किया है।
'ऑपरेशन नसर 2': 'इमाम हुसैन का प्रतिशोध' नारे के साथ हमला
IRGC के आधिकारिक बयान के अनुसार, यह सैन्य कार्रवाई अमेरिका द्वारा ईरान की सीमा के भीतर किए गए हवाई हमलों का सीधा जवाब है:
अमेरिकी एयरस्ट्राइक का जवाब: ईरान के मुताबिक, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अमेरिकी नौसेना को मिली हार के बाद, अमेरिकी सेना ने बौखलाहट में ईरान के दक्षिणी क्षेत्रों में तटीय स्टेशनों और कई अन्य सैन्य प्रतिष्ठानों पर हवाई हमले किए थे।
'या अली / वेंजेंस फॉर हुसैन' नारा: दुश्मन की इस आक्रामकता के जवाब में, IRGC की नौसेना के जांबाज सैनिकों ने 'ऑपरेशन नसर 2' की दूसरी लहर शुरू की। इस अभियान को 'वेन्जेंस फॉर हुसैन' (Vengeance for Hussein - हुसैन का प्रतिशोध) के नारे के तहत अंजाम दिया गया।
निशाने पर बहरीन का जाफरी बेस: ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों ने बहरीन में स्थित 'जाफरी सैन्य बेस' (Jafari Base) को निशाना बनाया। यहां अमेरिकी सेना के आवासीय परिसरों और रणनीतिक संचार केंद्रों को भारी नुकसान पहुंचने की खबर है।
अमेरिकी सेना के इन ठिकानों को बनाया निशाना
ईरानी मीडिया और IRGC के बयानों के मुताबिक, इस दूसरे दौर के हमलों में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया गया है ताकि उनकी युद्ध क्षमता को कमजोर किया जा सके:
गोला-बारूद डिपो: बहरीन में अमेरिकी सेना के कई हथियार और बारूद भंडारों को निशाना बनाया गया, जिससे वहां भीषण विस्फोट होने की सूचना है।
सैटेलाइट कम्युनिकेशंस सेंटर: खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य संचार और निगरानी प्रणाली को पंगु बनाने के लिए इस सेंटर पर सटीक हमला किया गया।
सैन्य आवास: जाफरी बेस के भीतर स्थित अमेरिकी सैनिकों के बैरक और रिहायशी परिसरों को ड्रोन हमलों से ध्वस्त कर दिया गया।
जवाबी कार्रवाई अभी जारी
IRGC ने साफ कर दिया है कि यह हमला सिर्फ शुरुआत है और उनकी सैन्य जवाबी कार्रवाई अभी भी सक्रिय रूप से जारी है। ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका या उसके सहयोगियों ने दोबारा ईरान की सीमाओं को लांघने की कोशिश की, तो इसके परिणाम पूरे मध्य-पूर्व के लिए विनाशकारी होंगे।
