Who is Esmail Qaani: 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर ताबड़तोड़ हमले किए। अमेरिका का शुरुआती और सबसे बड़ा निशाना ईरान के सुप्रीम लीडर अय्यातुल्लाह खामेनेई थे। अमेरिकी सेना ने ढूंढकर सुप्रीम लीडर का अंत कर दिया। सुप्रीम लीडर के साथ-साथ इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कई लड़ाके भी मारे गए। खबर थी कि अय्यातुल्लाह खामेनेई के साथ कुद्स फोर्स के प्रमुख जनरल इस्माइल कानी भी थे। इसे किस्मत का नाम दें या कुछ और, लेकिन जनरल इस्माइल कानी इस हमले से बच निकले।
कुद्स फोर्स के प्रमुख जनरल इस्माइल कानी पर अय्यातुल्लाह खामेनेई को मरवाने का संदेह। AI IMAGE
खबरों के मुताबिक, खामेनेई की हत्या करने वाले हमले से कुछ मिनट पहले ही कानी, घटनास्थल से निकल गया था। बताया जाता है कि इस हमले में लगभग 50 इजरायली लड़ाकू विमानों ने ईरानी नेतृत्व द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले एक भूमिगत बंकर को निशाना बनाया था। इस घटना ने ईरान को भी चौंका कर रख दिया। इस घटना के बाद उन्हें नजरबंद कर दिया गया। एक तरफ जहां ईरान, हर पल अमेरिका और इजरायल से लोहा ले रहा था, वहीं, इजरायल के आला अधिकारी इस्माइल कानी से पूछताछ कर रहे थे।
कुद्स फोर्स के प्रमुख जनरल इस्माइल कानी की फाइल फोटो। The Times of Israel
सवाल है कि आखिर पूछताछ चल क्या रही थी। दरअसल, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के वरिष्ठ अधिकारियों का शक धीरे-धीरे यकीन में बदलने लगा था कि इस्माइल कानी का संपर्क इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद से है। वहीं, यह सवाल उठने लगे कि क्या कहीं इस्माइल कानी ने ईरान की खुफिया और अहम जानकारियां इजरायल के साथ साझा तो नहीं की हैं। वहीं, उड़ती हुई खबरें तो ये भी आ रही है कि उन्हें विश्वासघात के लिए फांसी की सजा दे दी गई है, लेकिन इस बात पर अभी तक किसी ने मुहर नहीं लगाया है।
कुद्स फोर्स के प्रमुख जनरल इस्माइल कानी से जुड़ी अहम जानकारी। AI IMAGE
नौ जिंदगियों वाला आदमी
'मैन विथ नाइन लाइव्स' से कुख्यात, इस्माइल कानी ने एक, दो बार नहीं बल्कि 9 बार मौत को चकमा दिया है। अक्टूबर 2024 में कानी की मौत की खबरें सामने आई, लेकिन कुछ दिनों के बाद वो टेलीविजन पर नजर आए। ऐसे ही साल 2025 में 12 दिनों के युद्ध के दौरान, कई मीडिया आउटलेट्स ने फिर से उनकी मौत की खबर चलाई, लेकिन एक बार फिर उन्होंने टीवी पर आकर दुनिया को चौंका दिया। ऐसी ही एक और अफवाह फैली थी कि हिज्बुल्लाह नेता हाशेम सफीदीन के साथ बंकर में वो मारे गए, लेकिन ये खबर भी फर्जी निकली।
आइए अब इस्माइल कानी की जिंदगी से जुड़ी कुछ जरूरी बातों का जिक्र भी कर लें। इस्माइल कानी ईरान की सबसे शक्तिशाली और रणनीतिक सैन्य इकाई 'कुद्स फोर्स' के वर्तमान प्रमुख हैं। उन्हें जनवरी 2020 में बगदाद में एक अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे गए जनरल कासिम सुलेमानी के उत्तराधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया था।
कानी का जन्म 1957 में ईरान के मशहद में हुआ था, और उन्होंने 1980 के दशक के ईरान-इराक युद्ध के दौरान अपनी सैन्य साख जमाई थी। सुलेमानी के विपरीत, कानी एक बेहद 'लो-प्रोफाइल' कमांडर माने जाते हैं, जो सार्वजनिक चकाचौंध से दूर रहकर पर्दे के पीछे से रणनीति बनाना पसंद करते हैं। कानी की मुख्य जिम्मेदारी ईरान की सीमाओं के बाहर सैन्य और खुफिया ऑपरेशनों का नेतृत्व करना है, जिसमें लेबनान के हिजबुल्लाह, गाजा के हमास और यमन के हुथी जैसे समूहों के साथ समन्वय स्थापित करना शामिल है।
उन्हें ईरान के 'एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस' (प्रतिरोध के अक्ष) का मास्टरमाइंड माना जाता है, जो मध्य पूर्व में अमेरिकी और इजरायली हितों को चुनौती देने के लिए एक नेटवर्क का संचालन करते हैं। दशकों तक सुलेमानी के डिप्टी के रूप में काम करने के कारण उन्हें संगठन के वित्तीय और प्रशासनिक ढांचे की गहरी समझ है।
हालांकि सुलेमानी को उनकी करिश्माई शख्सियत के लिए जाना जाता था, कानी को उनके कठोर अनुशासन और अंतरराष्ट्रीय मिलिशिया समूहों के बीच कुशल समन्वय के लिए पहचाना जाता है। वर्तमान में, वे मध्य पूर्व के बढ़ते तनाव और ईरान के क्षेत्रीय प्रभाव को बनाए रखने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
