Iran Israel Talk : अमेरिका की तरफ से वार्ता दोबारा शुरू करने की पेशकश पर ईरान ने सकारात्मक संकेत दिए हैं। हालांकि, उसने शर्त भी लगाई है। ईरान ने गुरुवार को कहा कि भविष्य में उस पर हमला नहीं होगा, इस बात की पुख्ता गारंटी अमेरिका से मिलने के बाद ही वह बातचीत के लिए मेज पर आएगा। ईरान ने कहा है कि बिना इन गारंटी के बातचीत शुरू करने का कोई मतलब नहीं है। भारत में ईरान के राजदूत डॉ. इराज इलाही ने समाचार एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में यह बात कही।
ईरान को डर है कि उस पर फिर हमला हो सकता है।
भविष्य में ईरान पर हमला नहीं होगा, US दे गारंटी-राजदूत
भारत में ईरान के राजदूत डॉ. इराज इलाही ने समाचार एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में यह बात कही। समाचार एजेंसी द्वारा ई-मेल के जरिए पूछे गए सवालों के जवाब में राजदूत ने कहा कि 'अमेरिका के साथ जहां बातचीत का सवाल है तो धोखा देने की उनकी फितरत और यहूदी सरकार के साथ उनकी मिलीभगत को देखते हुए, जब तक कि अमेरिका की तरफ से भविष्य में हमला न होने की गारंटी नहीं मिल जाती, तबतक बातचीत शुरू करने का कोई मतलब नहीं है।'
इजरायल-यूएस ने ईरान पर हमले किए
ईरान ने पिछले महीने ईरान पर हुए दो बड़े हमलों का जिक्र किया। बीते 13 जून को इजरायल ने 'ऑपरेशन राइजिंग लॉयन' शुरू करते हुए ईरान में बड़े स्तर पर हवाई हमले किए। उसने नतांज एवं फोर्डो परमाणु संयंत्रों, मिसाइल निर्माण केंद्रों, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के कमान सेंटर को निशाना बनाते हुए हमले किए। इन हमलों में आईआरजीसी के शीर्ष कमांडर और परमाणु वैज्ञानिक मारे गए। इसके बाद 21-22 जून की रात अमेरिका ने 'ऑपरेशन मिडनाइड हैमर' लॉन्च किया। इस हमले में भी ईरान के परमाणु संयंत्रों को निशाना बनाया गया। ईरान ने कड़े शब्दों में इन दोनों ऑपरेशन की निंदा की। तेहरान ने कहा कि ये हमले अंतरराष्ट्रीय कानून एवं यूएन चार्टर का खुला उल्लंघन हैं।
'परमाणु हथियार बनाने का कोई इरादा नहीं'
इलाही ने कहा, 'इजरायली सरकार जिसके पास परमाणु हथियार हैं और जिसने परमाणु-अप्रसार संधि (एनपीटी) पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, उसने हमें परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए हमारे देश पर हमला किया। हमारा परमाणु हथियार बनाने का कोई इरादा नहीं है। हमारा परमाणु कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा संगठन (आईएईए) की कड़ी निगरानी में है।'
