Iran Internet Blackout: ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट अब पांचवें सप्ताह में प्रवेश कर चुका है। यह अब तक का सबसे लंबा राष्ट्रव्यापी शटडाउन है। नेटब्लॉक्स ने रविवार 12 अप्रैल को ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। इसने कहा, नेटवर्क डेटा से पता चलता है कि ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट अब 44वें दिन में प्रवेश कर चुका है, और 10:32 बजे के बाद से सात सप्ताह से अधिक समय से जारी है। लंबे समय तक चलने वाले इस सेंसरशिप उपाय के मानवीय और आर्थिक प्रभाव लगातार बढ़ते जा रहे हैं, जिससे एक कनेक्टेड समाज में शटडाउन के वैश्विक रिकॉर्ड टूट रहे हैं।
ईरान में सबसे लंबा इंटरनेट ब्लैकआउट
28 फरवरी को ईरान ने इंटरनेट काटा था
5 अप्रैल को नेटब्लॉक्स ने कहा था, ठीक पांच सप्ताह पहले शनिवार 28 फरवरी को ईरान ने वैश्विक इंटरनेट तक पहुंच काट दी थी। एक अलग ट्वीट में इसने बताया कि कुछ देशों को लंबे समय तक रुक-रुक कर या क्षेत्र-विशिष्ट इंटरनेट शटडाउन का सामना करना पड़ा है, जबकि उत्तर कोरिया कभी भी वैश्विक इंटरनेट से जुड़ा ही नहीं रहा है। इसमें कहा गया है कि ईरान पहला देश है जिसने पहले इंटरनेट कनेक्टिविटी प्राप्त की और फिर राष्ट्रीय नेटवर्क पर वापस लौटने के कारण इसे खो दिया, जबकि उत्तर कोरिया जैसे अन्य देशों ने कनेक्टिविटी के चरण को छोड़ दिया और लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग रहे।
म्यांमार, सूडान से तुलना
नेटब्लॉक्स ने आगे कहा, म्यांमार जैसे देशों में रुक-रुक कर होने वाले डिजिटल शटडाउन की घटनाएं, सूडान जैसे देशों में कई हफ्तों के बाद बहाली, और कश्मीर और तिग्रे जैसे देशों में उप-राष्ट्रीय घटनाएं भी लंबे समय से दर्ज की गई हैं। यूक्रेन और गाजा जैसे युद्धग्रस्त देशों में बुनियादी ढांचे को हुए युद्धकालीन नुकसान के कारण भी कनेक्टिविटी में लंबे समय तक कमी आई है, जिसके परिणामस्वरूप उपयोगकर्ताओं की संख्या में स्पष्ट कमी देखी गई है, हालांकि किसी भी युद्ध के कारण पूरे देश के इंटरनेट से बाहर होने की जानकारी नहीं है।
युद्ध की शुरुआत से ही इंटरनेट ठप
पिछले पांच हफ्तों से अमेरिका और इजराइल लगातार मिसाइलों और ड्रोन हमलों से ईरान पर हमला कर रहे थे। तेहरान ने भी इन हमलों का जवाब देते हुए इजराइल और खाड़ी के पड़ोसी देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहा था। तब से तेहरान में इंटरनेट ठप है। अंतर्राष्ट्रीय कनेक्टिविटी और घरेलू सेवाएं प्रतिबंधित रहने के साथ-साथ, ईरान के अधिकारियों ने सैटेलाइट कनेक्शन और वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) सहित वैकल्पिक पहुंच मार्गों पर भी नियंत्रण लगा दिया है, जिससे नागरिकों के पास संचार के सीमित या न के बराबर विश्वसनीय साधन बचे हैं।
युद्ध के समय इंटरनेट ठप होने के मानवीय नुकसान को रेखांकित करते हुए, नेटब्लॉक्स ने अधिकारियों से प्रतिबंध हटाने का आग्रह किया था। नेटब्लॉक्स ने कहा, अंतर्राष्ट्रीय कनेक्टिविटी कटी होने और घरेलू सेवाएं सीमित होने के कारण, कई परिवार सबसे जरूरी समय में अपने प्रियजनों से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं।
