US Iran War: अमेरिका-ईरान युद्ध में ईरान ने भी अपनी दस्तक दे दी है। कीर स्टार्मर सरकार अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल की इजाजत दे दी है, ताकि ईरान के उन मिसाइल ठिकानों पर कार्रवाई की जा सके जो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में जहाजों को निशाना बना रहे हैं। इसी बीच ईरान ने हिंद महासागर में मौजूद अमेरिका और ब्रिटेन के संयुक्त सैन्य बेस 'डिएगो गार्सिया' पर दो मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं।
ईरान ने अमेरिका और ब्रिटेन के संयुक्त सैन्य बेस 'डिएगो गार्सिया' पर किए हमले। AI GENERATED
हालांकि, ईरान द्वारा दागी गई दोनों मिसाइलें अपने लक्ष्य तक पहुंचने में विफल रहीं। बता दें कि ईरान का यह हमला ब्रिटेन द्वारा अमेरिका को ईरान पर हमले करने के लिए इस अड्डे का इस्तेमाल करने की अनुमति देने की घोषणा के कुछ घंटों बाद हुआ।
ईरान के हमले ने अमेरिका को चौंकाया
ईरान से डिएगो गार्सिया तक 4,118 किमी की दूरी। यह पहली बार है जब ईरान की किसी मिसाइल ने इतनी दूरी तय की है। डिएगो गार्सिया अड्डे और ईरान के बीच सीधी दूरी 3,795 से 3,800 किलोमीटर (लगभग 2,358 से 2,400 मील) है।
इसे अमेरिका के लिए एक महत्वपूर्ण अड्डा माना जाता है और यह मध्य पूर्व में बमवर्षक अभियानों के लिए एक 'मार्ग' के रूप में काम कर सकता है। पहले यह माना जाता था कि यह अड्डा ईरानी मिसाइलों की मारक क्षमता से बाहर था। रिपोर्ट के अनुसार, शाहब-3 की रेंज 1300 किमी है और रेज़वान की रेंज 1400 किमी है।
ईरान ने ब्रिटेन को क्या दी चेतावनी?
बता दें कि ईरान ने ब्रिटेन को जंग में अमेरिका का साथ न देने की धमकी भी दी है। ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची (Seyed Abbas Araghchi) ने आरोप लगाया कि ब्रिटेन की अधिकांश जनता इस संघर्ष में शामिल नहीं होना चाहती, लेकिन प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर (Keir Starmer) ने उनकी भावनाओं की अनदेखी करते हुए ऐसा कदम उठाया है, जिससे ब्रिटिश नागरिकों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान अपने आत्मरक्षा के अधिकार का पूरा उपयोग करेगा।
