US Iran War: क्या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, ईरान में अमेरिकी सेना उतारेंगे? युद्धविराम, समझौते और ट्रंप के हर वक्त नए-नए दावों के बीच ये सवाल लगातार पूछा जा रहा है। ट्रंप के आदेश पर और भी करीब 2500 अमेरिकी जवान मध्य पूर्व एशिया की ओर बढ़ रहे हैं।
अमेरिका की कार्रवाई से पहले ईरान ने खाग्र आईलैंड पर बिछाया माइन्स।
इसी बीच ईरान ने रणनीतिक रूप से बेहद अहम खार्ग आईलैंड (Kharg Island) को पूरी तरह सैन्य किले में बदलना शुरू कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका की संभावित जमीनी कार्रवाई यानी ग्राउंड ऑपरेशन की आशंका के बीच ईरान ने यहां बड़े पैमाने पर सैनिकों की तैनाती और बारूदी सुरंगें (Mines) बिछानी शुरू कर दी हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान पिछले कुछ हफ्तों से खार्ग आईलैंड पर अपनी रक्षा व्यवस्था को मजबूत कर रहा है। यहां एंटी-पर्सनल और एंटी-आर्मर माइन बिछाई गई हैं, साथ ही एयर डिफेंस सिस्टम भी तैनात किए गए हैं, ताकि किसी भी संभावित हमले को रोका जा सके।
क्यों अहम है खार्ग आईलैंड?
‘ऑर्फन पर्ल ऑफ द पर्शियन गल्फ’ यानी फारस की खाड़ी का अनाथ मोती कहे जाने वाले खार्ग आईलैंड को ईरान की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। यह द्वीप देश के करीब 90% तेल निर्यात को संभालता है। ऐसे में अगर इस पर हमला होता है या कब्जा किया जाता है, तो ईरान की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लग सकता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, खाग्र आईलैंड पर अमेरिका ग्राउंड ऑपरेशन की संभावना पर विचार कर रहा है। इसका मकसद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलने और ईरान पर दबाव बनाना हो सकता है।
खार्ग आईलैंड के सैन्य अड्डे पर हमला कर चुका है अमेरिका
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यह ऑपरेशन बेहद जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि ईरान के पास मिसाइल, ड्रोन और मजबूत डिफेंस सिस्टम मौजूद हैं। गौरतलब है कि 13 मार्च 2026 को अमेरिका खार्ग आईलैंड पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले कर चुका है, जिसमें 90 से ज्यादा सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया था।
