Donald Trump on Iran: ईरान-इजरायल संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रोजाना नए-नए बयान देकर चौंका रहे हैं। अब ट्रंप ने कहा है कि ईरान की ओर से बातचीत की पहले में देर हो चुकी है। इसके साथ ही ट्रंप ने ईरान पर हमले को लेकर भी सस्पेंस बनाए रखा। ट्रंप ने कहा कि मैं यह नहीं कह सकता कि अमेरिका ईरान पर हमला करेगा या नहीं। ईरान बातचीत करना चाहता है। ईरान ने संपर्क किया है लेकिन मैंने कहा कि बहुत देर हो चुकी है।
ट्रंप ने ईरान पर सस्पेंस बढ़ाया
ट्रंप बोले, अब बहुत देर हो चुकी है
ट्रंप ने कहा कि ईरान ने हमसे बातचीत करने के लिए संपर्क किया। मैंने उनसे कहा कि बहुत देर हो चुकी है। वे व्हाइट हाउस आना चाहते हैं। मैं यह नहीं कह सकता कि अमेरिका ईरान पर हमला करेगा या नहीं। पूर्ण आत्मसमर्पण की मांग का मतलब है कि मैं थक चुका हूं। वे पूरी तरह से हवाई रक्षा से रहित हैं।
ब्रिटेन दे सकता है अमेरिका को मदद
वहीं, खबर है कि ईरान पर ट्रंप के संभावित हमले में ब्रिटेन सैन्य मदद दे सकता है। ब्रिटेन सरकार विचार कर रही है कि अगर डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर हमला करते हैं, तो सैन्य सहयोग कैसे दिया जाए। प्रधानमंत्री कीर स्टारमर आज कोबरा मीटिंग की अध्यक्षता करेंगे, जिसमें तमाम सुरक्षा विकल्पों की समीक्षा होगी। संभावना है कि अमेरिका डिएगो गार्सिया बेस के इस्तेमाल की अनुमति मांगे, जहां से B-2 बमवर्षक ईरान के फोर्डो क्लियर साइट तक पहुंच सकते हैं।
खामेनेई ने अमेरिका को चेताया
वहीं, ईरान के सर्वोच्च नेता ने अयातुल्लाह खामेनेई बुधवार को अमेरिका को चेतावनी दी कि इस्लामी गणराज्य को निशाना बनाकर किए जा रहे इजराइली हमलों में शामिल होने से उसे अपूरणीय क्षति होगी। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की यह टिप्पणी एक सरकारी टेलीविजन के एंकर द्वारा पढ़ी गई जबकि स्क्रीन पर खामेनेई की तस्वीर दिखाई दी। यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि 86 वर्षीय खामेनेई खुद स्क्रीन पर क्यों नहीं दिखाई दिए क्योंकि शुक्रवार को इजराइली हमले शुरू होने के बाद वह एक बार टीवी स्क्रीन पर दिखाई दिए हैं। खामेनेई का बयान पढ़ते हुए एंकर ने कहा, इस लड़ाई में अमेरिका की किसी भी सैन्य भागीदारी से निस्संदेह उसे अपूरणीय क्षति होगी। (शिवानी मिश्रा इनपुट)
