Indonesia Bandung Protests: इंडोनेशिया में प्रबोवो-जिब्रान सरकार के दो साल पूरे होने के अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों में सरकार विरोधी रैलियां निकाली गईं। इस दौरान पश्चिम जावा की राजधानी बांडुंग (Bandung) में मंगलवार देर रात स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़प के बाद एक पुलिस ट्रक को आग के हवाले कर दिया गया। सनद रहे फ्रांस जैसे देश में भी हिंसा भड़की हुई है, जहां अब इंडोनेशिया में हालात बिगड़ गए हैं।
इंडोनेशिया के बांडुंग में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान हिंसक झड़प, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के वाहन में लगाई आग
विरोध प्रदर्शनों के मुख्य मुद्दे और कारण
दिन के समय विश्वविद्यालय के छात्रों और विभिन्न नागरिक समूहों द्वारा शांतिपूर्ण प्रदर्शन किए गए थे, जिसमें बेरोजगारी, बड़े पैमाने पर छंटनी, बढ़ती महंगाई, करों में वृद्धि, भ्रष्टाचार, भूमि व कृषि विवाद और वनों में आग जैसी पर्यावरणीय चिंताएं शामिल थीं।
प्रमुख विश्वविद्यालय: इन प्रदर्शनों में यूनिवर्सिटी पाद्जादरण (Universitas Padjadjaran), इंस्टीट्यूट टेक्नोलॉजी बांडुंग (Institut Teknologi Bandung) और यूनिवर्सिटी पेंडिडिकन इंडोनेशिया (Universitas Pendidikan Indonesia) के छात्र बड़ी संख्या में शामिल हुए।
प्रमुख स्थल: प्रदर्शनकारी बांडुंग के प्रमुख इलाकों जैसे जालान एशिया अफ्रीका, सिम्पंग लिमा, जालान ब्रागा और पश्चिम जावा प्रांतीय क्षेत्रीय विधायी परिषद (DPRD) के बाहर एकत्रित हुए थे और सरकार से नीतिगत बदलाव व जवाबदेही की मांग कर रहे थे।
रात में बिगड़े हालात और पुलिस ट्रक पर हमला
हालांकि दिन भर चलने वाले अधिकांश प्रदर्शन काफी हद तक व्यवस्थित रहे और कुछ जगहों पर केवल बैरिकेड्स या टायर जलाकर रास्ते रोके गए थे, और शाम होते-होते अधिकांश प्रदर्शनकारी अपने घरों को लौट चुके थे। लेकिन देर रात स्थिति तब हिंसक हो गई जब उग्र भीड़ ने भीड़ नियंत्रण करने वाले एक पुलिस वाहन (पुलिस ट्रक) पर हमला बोल दिया और उसे आग लगा दी। स्थानीय प्रशासन और पुलिस इस पूरे घटनाक्रम के बाद स्थिति को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने में जुटी हुई है।
इंडोनेशिया के जंगलों में आग, क्या है बाली की स्थिति?
बता दें कि इंडोनेशिया के जंगलों में लगी भीषण आग ने 9 लाख हेक्टेयर वनभूमि को किया तबाह कर दिया है। इससे हवा बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गई है। साथ ही हाल ही में इंडोनेशिया के शेयर बाजार में हाहाकार मच गया था। इसमें 28 साल की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। इसके अलावा, अभी ये भी रिपोर्ट आई थी कि मशहूर पर्यटन द्वीप बाली में पेट्रोल की किल्लत के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई पेट्रोल पंपों के बाहर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। कुछ पेट्रोल पंपों पर ‘माफ कीजिए, ईंधन उपलब्ध नहीं है’ के बोर्ड तक लगा दिए गए। वहीं, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बाली में पेट्रोल की किल्लत का मुख्य कारण ईंधन की कमी नहीं, बल्कि उसकी सप्लाई और वितरण में आई परेशानी है।
