Rajnath Singh Sri Lanka Visit: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि संकट की किसी भी परिस्थिति में भारत श्रीलंका के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध साझा इतिहास, संस्कृति, आस्था और गहरे सभ्यतागत जुड़ाव पर आधारित हैं। राजनाथ सिंह तीन दिवसीय दौरे पर श्रीलंका की राजधानी कोलंबो पहुंचे हैं, जहां वह देश के शीर्ष नेतृत्व के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेंगे। भारतीय समुदाय से बातचीत के दौरान उन्होंने भारत-श्रीलंका की मजबूत साझेदारी और आपसी मित्रता को और आगे बढ़ाने पर जोर दिया। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत और श्रीलंका के बीच लंबे समय से मजबूत सांस्कृतिक एवं सभ्यतागत संबंध रहे हैं। यही साझा विरासत दोनों देशों के द्विपक्षीय रिश्तों को लगातार मजबूत आधार प्रदान करती है।
भारत-श्रीलंका की दोस्ती को नई ऊंचाई देने पहुंचे राजनाथ सिंह (फोटो/X- Rajnath Singh)
किसे बताया राजनाथ सिंह ने 'सेतु'?
राजनाथ सिंह ने भारतीय प्रवासी समुदाय को भारत और श्रीलंका के बीच एक महत्वपूर्ण 'सेतु' बताते हुए कहा कि वह दोनों देशों के बीच दोस्ती और आपसी संबंधों को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाता है। अपने संबोधन में उन्होंने भारत की तेजी से बदलती अर्थव्यवस्था और वैश्विक स्तर पर बढ़ती आर्थिक भूमिका का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था ने 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। सिंह के मुताबिक, भारत से वस्तुओं और सेवाओं का निर्यात 2014 में करीब 45 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 में 79 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। रक्षा मंत्री ने यह भी बताया कि भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता बन चुका है। उनके अनुसार, 2014 में देश में मोबाइल फोन निर्माण की केवल दो इकाइयां थीं, जिनकी संख्या अब बढ़कर 300 से अधिक हो गई है।
12 सालों में भारत ने 38 देशों के साथ व्यापार समझौते किए
राजनाथ सिंह ने बताया कि पिछले 12 सालों में भारत ने 38 देशों के साथ व्यापार समझौते किए हैं, जिनमें आठ प्रमुख देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) भी शामिल हैं। भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए FTA को उन्होंने 'मदर ऑफ ऑल डील्स' बताते हुए कहा कि इससे भारतीय कारोबार के लिए यूरोप के बड़े बाजार में नए अवसर खुलेंगे और यह देश की बढ़ती कूटनीतिक एवं आर्थिक ताकत को दर्शाता है। उन्होंने भारत की वैश्विक साख मजबूत होने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को दिया। रक्षा मंत्री ने कहा कि करीब 12 साल पहले की तुलना में आज अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की बात को दुनिया अधिक गंभीरता से सुनती है। रक्षा मंत्री ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में हुई प्रगति भारत की बढ़ती क्षमताओं का प्रमाण है। उन्होंने आत्मनिर्भर रक्षा व्यवस्था की दिशा में देश की लगातार आगे बढ़ती यात्रा को भी रेखांकित किया।
दुनिया के तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम के रूप में उभरा भारत
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत आज दुनिया के तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम के रूप में उभरा है। वर्ष 2014 के बाद देश में यूनिकॉर्न कंपनियों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है, जो युवाओं की नवाचार क्षमता और उद्यमशीलता के जज्बे को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने से देश में 'एक राष्ट्र, एक कर' की व्यवस्था मजबूत हुई है। इसके साथ ही, विभिन्न कर राहत उपायों के जरिए व्यक्तिगत करदाताओं पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ भी कम हुआ है। राजनाथ सिंह ने दावा किया कि देश में करीब 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं। उन्होंने डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के विस्तार का उल्लेख करते हुए ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी और यूपीआई के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल को महत्वपूर्ण बदलाव बताया। इसके अलावा, उन्होंने सड़कों, हवाई अड्डों और अन्य परिवहन सुविधाओं के विस्तार के जरिए भारत में तेजी से विकसित हो रहे बुनियादी ढांचे को भी रेखांकित किया।
श्रीलंका के शीर्ष नेतृत्व के साथ सार्थक और सकारात्मक बातचीत को लेकर उत्साहित
श्रीलंका रवाना होने से पहले राजनाथ सिंह ने कहा था कि वह अपने दौरे के दौरान श्रीलंका के शीर्ष नेतृत्व के साथ सार्थक और सकारात्मक बातचीत को लेकर उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय से चले आ रहे द्विपक्षीय सहयोग के साथ भारत और श्रीलंका के बीच गहरे ऐतिहासिक एवं सभ्यतागत संबंध हैं। एक्स पर साझा पोस्ट में सिंह ने श्रीलंका को भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' और 'महासागर' पहलों के तहत महत्वपूर्ण साझेदार बताया। उन्होंने इस यात्रा को दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम बताया। रक्षा और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों वाले उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ कोलंबो पहुंचे राजनाथ सिंह का बंदरानायके अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर श्रीलंका के उप रक्षा मंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) अरुण जयसेकरा ने स्वागत किया।
