UNSC की गैर-स्थायी सदस्यता, भारत ने लॉन्च की अपनी उम्मीदवारी, जयशंकर बोले-जटिल हालातों से गुजर रही दुनिया

भारत लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में व्यापक सुधार की मांग का प्रमुख समर्थक रहा है। उसका कहना है कि 1945 में गठित 15 सदस्यीय सुरक्षा परिषद 21वीं सदी की जरूरतों और वर्तमान भू-राजनीतिक वास्तविकताओं के अनुरूप नहीं रह गई है। इसलिए परिषद के स्थायी और अस्थायी, दोनों वर्गों में सदस्य संख्या बढ़ाई जानी चाहिए।

S Jaishankar: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की गैर-स्थायी सदस्यता के लिए भारत ने अपनी उम्मीदवार की शुरुआत की है। विदेश मंत्री ने संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान 'शांति: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) 2028-29 के लिए भारत' अभियान की शुरुआत की। यह अभियान 'मानदंड, विश्वास और ईमानदारी' की थीम पर आधारित है। इस कार्यक्रम में संयुक्त राष्ट्र के राजदूतों, राजनयिकों और वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

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भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर।

अगले वर्ष जून में होंगे चुनाव

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 2028-29 की दो वर्षीय गैर-स्थायी सदस्यता के लिए चुनाव अगले वर्ष जून में होंगे। एशिया-प्रशांत समूह की एकमात्र सीट के लिए भारत और ताजिकिस्तान के बीच मुकाबला होगा। इस मौके पर जयशंकर ने कहा, 'आज दोपहर आपके साथ जुड़कर और 2028-29 के कार्यकाल के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के गैर-स्थायी सदस्य के तौर पर भारत की उम्मीदवारी को लॉन्च करके मुझे खुशी हो रही है। हम यह कदम ऐसे समय में उठा रहे हैं जब दुनिया एक गहरे विरोधाभास का सामना कर रही है।'

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