India vs Canada: भारत ने सी.डी.ए. सहित छह कनाडाई राजनयिकों को निष्कासित कर दिया है। इससे पहले ये जानकारी सामने आई थी कि भारत ने कनाडा में भारतीय राजदूतों की सुरक्षा पर चिंता जाहिर की गई है। विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि हमें उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वर्तमान कनाडाई सरकार की प्रतिबद्धता पर कोई भरोसा नहीं है। इसलिए, भारत सरकार ने उच्चायुक्त और अन्य लक्षित राजनयिकों और अधिकारियों को वापस बुलाने का फैसला किया है।
भारत बनाम कनाडा
भारत ने कनाडाई राजनयिकों को किया निष्कासित
भारत सरकार ने निम्नलिखित 6 कनाडाई राजनयिकों को निष्कासित करने का निर्णय लिया है।
- स्टीवर्ट रॉस व्हीलर, कार्यवाहक उच्चायुक्त
- पैट्रिक हेबर्ट, उप उच्चायुक्त
- मैरी कैथरीन जोली, प्रथम सचिव
- लैन रॉस डेविड ट्राइट्स, प्रथम सचिव
- एडम जेम्स चुइपका, प्रथम सचिव
- पाउला ओरजुएला, प्रथम सचिव
विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कनाडा में भारतीय राजदूतों की सुरक्षा पर चिंता जाहिर की गई। बयान में कहा गया कि उग्रवाद और हिंसा के माहौल में ट्रूडो सरकार के कार्यों ने उनकी सुरक्षा को खतरे में डाल दिया। हमें उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वर्तमान कनाडाई सरकार की प्रतिबद्धता पर कोई भरोसा नहीं है। इसलिए, भारत सरकार ने उच्चायुक्त और अन्य लक्षित राजनयिकों और अधिकारियों को वापस बुलाने का फैसला किया।
कनाडा की भी आई प्रतिक्रिया
वहीं, इस मामले में कनाडा की प्रतिक्रिया सामने आई है। वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार, कनाडा ने भारतीय उच्चायुक्त समेत सभी छह राजनयिकों को तुरंत देश छोड़ने का आदेश दिया है।
कनाडाई राजदूत को किया गया तलब
बता दें, भारत ने सोमवार को कनाडाई राजदूत को तलब किया था। इस मामले में विदेश मंत्रालय ने बताया कि कनाडा में भारतीय उच्चायुक्त और अन्य राजनयिकों और अधिकारियों को आधारहीन तरीके से निशाना बनाना पूरी तरह से अस्वीकार्य है। इस बात पर जोर दिया गया कि उग्रवाद और हिंसा के माहौल में ट्रूडो सरकार की कार्रवाई से उनकी सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। हमें उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मौजूदा कनाडाई सरकार की प्रतिबद्धता पर कोई भरोसा नहीं है। इसलिए, भारत सरकार ने उच्चायुक्त और अन्य लक्षित राजनयिकों और अधिकारियों को वापस बुलाने का फैसला किया है। यह भी बताया गया कि भारत के खिलाफ उग्रवाद, हिंसा और अलगाववाद को ट्रूडो सरकार के समर्थन के जवाब में भारत आगे कदम उठाने का अधिकार रखता है।
