Asaduddin Owaisi Targets Pakistan Army Chief: भारतीय जनता पार्टी के सांसद बैजयंत पांडा के नेतृत्व वाले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य असदुद्दीन ओवैसी मुस्लिम देशों में आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान की जमकर धज्जियां उड़ा रहे हैं। ओवैसी ने रियाद में एक संवाद के दौरान पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर को फील्ड मार्शल के रूप में प्रमोशन दिए जाने और एक समारोह में अमेरिका द्वारा नामित आतंकवादी को उनके बगल में बैठे हुए देखे जाने को लेकर हमला बोला। एआईएमआईएम प्रमुख ने अपनी बात को साबित करने के लिए एक तस्वीर का भी हवाला दिया।
ओवैसी ने किया पाकिस्तान को बेनकाब
पाकिस्तान को एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में डाला जाए
आतंकवादी संगठनों को आतंकी फंडिंग को नियंत्रित करने की जरूरत का हवाला देते हुए ओवैसी ने अपील की कि पाकिस्तान को वैश्विक मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवादी वित्तपोषण निगरानी संस्था वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (FATF) की ग्रे सूची में वापस डाला जाना चाहिए। ओवैसी ने कहा, पाकिस्तान को FATF की ग्रे लिस्ट में वापस लाया जाना चाहिए। यहीं से हम इन सभी आतंकवादी संगठनों के आतंकी वित्तपोषण को नियंत्रित कर पाएंगे।
ओवैसी यही नहीं रुके, उन्होने कहा- जब इस व्यक्ति (आसिम मुनीर) को पाकिस्तान में फील्ड मार्शल बनाया गया था, तो मोहम्मद एहसान नामक एक अमेरिकी नामित आतंकवादी फील्ड उनके ठीक बगल में बैठा था। इस फील्ड मार्शल के साथ हाथ मिलाते हुए उसकी तस्वीरें हैं। उन्होंने कहा, पाकिस्तान के शामिल होने के स्पष्ट सबूत हैं। एआईएमआईएम नेता ने कहा कि आतंकवादी समूह पाकिस्तान में फल-फूल रहे हैं और उन्हें प्रशिक्षित किया जा रहा है, और उनका उद्देश्य भारत को अस्थिर करना, देश में और अधिक हिंदू-मुस्लिम दंगे पैदा करना है।
अमेरिकी ट्रेजरी के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) की आधिकारिक वेबसाइट पर विशेष रूप से नामित नागरिकों (SDN) की सूची के अनुसार, अहसान, मुहम्मद उर्फ एहसान मुहम्मद, उर्फ इहसान मुहम्मद, उर्फ उल्लाह एहसान सियालकोट, पाकिस्तान, इस्लामाबाद, 1970 में पैदा हुआ था। वह कार्यकारी आदेश 13244 की धारा 1 (बी) के तहत जोखिम के रूप में नामित किया गया है। वह आतंकवादी संगठन 'लश्कर-ए-तैयबा' से जुड़ा हुआ है।
साजिद मीर के बारे में पाकिस्तान का 'झूठ'
ओवैसी ने पाकिस्तान को FATF ग्रे सूची में वापस जोड़ने की पैरवी करते हुए याद दिलाया कि 26/11 के मुंबई हमलों के बाद, भारतीय जांचकर्ताओं ने इस्लामाबाद को सभी सबूत मुहैया कराए, लेकिन फिर भी उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। ओवैसी ने कहा, इस आतंकवादी मुकदमे में पाकिस्तान को आगे बढ़ाने के पीछे वजह यह थी कि उसे FATF की ग्रे लिस्ट में डाल दिया गया।
साजिद मीर कैसे जिंदा हुआ?
उन्होंने मुंबई हमलों के मुख्य आरोपी साजिद मीर के बारे में पाकिस्तान के झूठ को और उजागर किया। ओवैसी नेक हा, जर्मनी में एक बैठक हुई थी, और भारत चाहता था कि साजिद मीर पर अभियोग चलाया जाए, लेकिन पाकिस्तान ने कहा कि वह मर चुका है...पाकिस्तान FATF की समिति के सामने आया और कहा कि साजिद मीर जिंदा है। क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि जो देश कह रहा था कि वह मर चुका है, अचानक वह जिंदा हो गया?
26/11 के हमलावरों की बातचीत रिकॉर्ड
ओवैसी ने पाकिस्तानी सरकार की ओर से फैलाई गई अफवाह का भंडाफोड़ किया कि भारतीय अदालतों ने कथित तौर पर मीर को 5-10 साल की सजा सुनाई है, लेकिन वह अभी भी बेखौफ हैं। उन्हें आतंकवाद के लिए नहीं, बल्कि मनी लॉन्ड्रिंग के लिए दोषी ठहराया गया था। एआईएमआईएम प्रमुख ने कहा कि भारतीय जांच एजेंसियों ने 26/11 के हमलावर और पाकिस्तान में उनके आकाओं के बीच बातचीत रिकॉर्ड की थी, जिसे सबूत के तौर पर इस्लामाबाद को मुहैया कराया गया था। ओवैसी ने कहा, भारतीय कानूनी प्रणाली ने कानून की सभी उचित प्रक्रियाओं का पालन किया और अजमल कसाब को मौत की सजा सुनाई गई और उसने कई बातें बताईं।
पीएम मोदी ने की थी पहल, पर नतीजा रहा सिफर
हमारी एजेंसियां उन ऑडियो बातचीत को रिकॉर्ड करने में सक्षम थीं, जिसमें पाकिस्तान में बैठे आतंकवादी समूह उन आतंकवादियों के साथ बात कर रहे थे, जो पांच सितारा होटलों में भारतीयों की हत्या कर रहे थे और उन बातचीत में उन्हें साफ तौर पर कहा गया था कि हिम्मत मत हारो, जितने भारतीयों को मार सकते हो मारो और जन्नत जाओगे। यही वह बातचीत थी जिसे रिकॉर्ड किया गया था। उन्होंने याद दिलाया कि 2016 में भारतीय वायुसेना के पठानकोट एयरबेस पर हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिना बुलाए पाकिस्तान गए थे और स्पष्ट सबूत जुटाने के लिए इस्लामाबाद से अपनी टीम भारत भेजने को कहा था, लेकिन तब भी कुछ नहीं हुआ।
