रावलपिंडी में शनिवार को पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) पार्टी की एक बड़ी रैली को संबोधित करते हुए इमारान खान (Imran Khan) ने कहा कि उनका मौत के साथ करीबी मुकाबला हुआ था और उन्होंने अपने ऊपर हमले के दौरान गोलियों को उड़ते हुए देखा था। 3 नवंबर को उनकी हत्या के असफल प्रयास के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए यह उनका पहला व्यक्तिगत संबोधन था। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक PTI के अध्यक्ष इमरान खान ने इस रैली में ऐलान किया कि उनकी पार्टी ने सभी विधानसभाओं से इस्तीफा देने का फैसला किया है।
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान
PTI Chairman Imran Khan at a public gathering in Pakistan's Rawalpindi announces that his party has decided to resi… t.co/DahmFSXSfF
— ANI (@ANI) Nov 26, 2022
इस रैली में इमरान खान ने स्वीकार किया कि वह सत्ता में अपने साढ़े तीन साल के दौरान शक्तिशाली और भ्रष्ट लोगों को कानून के दायरे में लाने में विफल रहे क्योंकि राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो जैसे प्रमुख संस्थान उनके नियंत्रण में नहीं थे। रावलपिंडी शक्तिशाली सेना का मुख्यालय है। 70 वर्षीय खान बंदूक के हमले के दौरान लगी गोली के घाव से उबर रहे हैं। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के प्रमुख खान ने अफसोस जताया कि राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (NAB) और अन्य संस्थान उनके नियंत्रण में नहीं थे और सैन्य प्रतिष्ठान के संदर्भ में कहीं और से पीछे से आदेश प्राप्त करते थे। खान ने कहा कि क्योंकि राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (NAB) प्रतिष्ठान के नियंत्रण में था और उन्होंने (एनएबी) ने मुझे बताया कि सभी मामले तैयार थे लेकिन उन्हें ऊपर से आदेश नहीं मिल रहे थे।
मैंने सिर के ऊपर से गोलियों को गुजरते देखा
पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान ने शनिवार को आरोप लगाया कि इस महीने की शुरुआत में उनकी हत्या के नाकाम प्रयास में शामिल तीन अपराधी उन्हें फिर से निशाना बनाने की ताक में हैं। रावलपिंडी में अपनी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ की एक बड़ी रैली को संबोधित करते हुए खान ने कहा कि उनका मौत के साथ करीबी सामना हुआ था और उन्होंने अपने ऊपर हमले के दौरान गोलियों को सिर के ऊपर से गुजरते हुए देखा था।
तीन अपराधी फिर से मुझ पर हमला करने की ताक में हैं
रावलपिंडी में ही सेना का भी मुख्यालय है। हमले की घटना के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं को अपने पहले संबोधन में खान ने आरोप लगाया कि तीन अपराधी फिर से उन पर हमला करने की ताक में हैं। खान ने बार-बार आरोप लगाया है कि उन पर हमले के पीछे प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, गृह मंत्री राणा सनाउल्लाह और खुफिया एजेंसी आईएसआई के काउंटर इंटेलिजेंस विंग के प्रमुख मेजर-जनरल फैसल नसीर थे।
आजादी से जीना चाहते हैं तो मौत के डर से बेखौफ हो जाएं
खान ने अपने समर्थकों से आह्वान किया कि अगर वे आजादी से जीना चाहते हैं तो मौत के डर से बेखौफ हो जाएं। उन्होंने कर्बला की लड़ाई का जिक्र करते हुए कहा कि डर पूरे देश को गुलाम बना देता है। कर्बला में पैगंबर मोहम्मद के नवासे इमाम हुसैन और उनके परिवार के सदस्यों की हत्या कर दी गई थी क्योंकि उन्होंने अपने समय के अत्याचारी शासक के खिलाफ आवाज उठाई थी।
खान, शनिवार को रावलपिंडी में एक हेलीकॉप्टर से पहुंचे। उनके साथ डॉक्टरों की एक टीम भी थी। पूर्व प्रधानमंत्री खान ने कहा कि जब वह लाहौर से निकल रहे थे तो सभी ने उन्हें सलाह दी कि वह अभी घायल हैं इसलिए ना जाएं क्योंकि इससे खतरा हो सकता है।
इमरान खान ने की देश में जल्द आम चुनाव की मांग
खान ने कहा कि वह इसलिए आगे बढ़े क्योंकि उन्होंने मौत को करीब से देखा था। उन्होंने कहा कि यदि आप जीना चाहते हैं, तो मौत का खौफ छोड़ दें। खान ने कहा कि राष्ट्र एक निर्णायक बिंदु और चौराहे पर खड़ा है, जिसके सामने दो रास्ते हैं- एक रास्ता दुआओं और महानता का है जबकि दूसरा रास्ता अपमान और विनाश का है। वह देश में जल्द आम चुनाव की मांग करते हुए लॉन्ग मार्च का नेतृत्व कर रहे हैं।
